पानी की तलाश में जंगल से भटकी मादा हिरण, ग्रामीणों ने वन विभाग को सौंपा

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
A female deer strayed from the forest in search of water, the villagers handed it over to the forest department

स्थान: ग्राम कुसुमघटा, पांडातराई वन परिक्षेत्र

कवर्धा जिले के पांडातराई वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुसुमघटा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पानी की तलाश में जंगल से भटककर एक मादा हिरण आबादी क्षेत्र में प्रवेश कर गई। ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हिरण को सुरक्षित पकड़कर पांडातराई वन विभाग की टीम को सौंप दिया।

पानी की किल्लत से जंगली जीवों की हालत खराब

गर्मियों के मौसम में जंगलों में जल स्रोत सूखने के कारण जंगली जानवरों को पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण कई जंगली जानवर अब पानी की तलाश में मानव बस्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे पहले भी रियासी इलाके में भटककर आई एक हिरण को कुत्तों के झुंड ने शिकार बना लिया था। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग सतर्क हुआ है, लेकिन लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।

ग्रामीणों की सतर्कता से बची हिरण की जान

ग्राम कुसुमघटा के ग्रामीणों ने मादा हिरण को देखकर बिना घबराए उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया और तत्काल पांडातराई वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हिरण को अपने कब्जे में लेकर उचित देखरेख में रखा।

वन विभाग का बयान

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हिरण को प्राथमिक उपचार दिया जाएगा और उसकी स्थिति सामान्य होने के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में ग्रामीणों का सहयोग बेहद अहम है।

बढ़ती समस्या का संकेत

बार-बार हो रही इस तरह की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जंगलों में पानी की व्यवस्था अत्यंत जरूरी है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो अन्य वन्य जीव भी मानव बस्तियों की ओर आने को मजबूर हो सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना बढ़ सकती है।