BY: Yoganand Shrivastva
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब भारत के उद्योग जगत ने भी अपनी रणनीतिक स्थिति स्पष्ट कर दी है। दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने तुर्की और चीन की कंपनियों के साथ अपने व्यावसायिक रिश्ते समाप्त कर दिए हैं। यह कदम केवल कारोबारी निर्णय नहीं बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि भारत अपने रणनीतिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
तुर्की की कंपनी सेलेबी को अलविदा
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं देने वाली तुर्की मूल की कंपनी सेलेबी के साथ अडानी ग्रुप का करार समाप्त कर दिया गया है। यह निर्णय भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई थी।
इसके बाद कंपनी को तुरंत अपने सभी परिचालन अडानी समूह को सौंपने का निर्देश दिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब तुर्की पर पाकिस्तान के समर्थन और भारत विरोधी रुख के आरोप लग रहे हैं।
चीन की ड्रैगनपास के साथ भी रिश्ता खत्म
सेलेबी के बाद अब अडानी ग्रुप ने चीन की ड्रैगनपास कंपनी से भी अपना अनुबंध रद्द कर दिया है। यह कंपनी एयरपोर्ट लाउंज और ट्रैवल सुविधाएं प्रदान करती थी। अडानी समूह के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि ड्रैगनपास के साथ किया गया समझौता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
इसका सीधा असर यह होगा कि अब ड्रैगनपास के ग्राहक उन एयरपोर्ट्स पर लाउंज सेवाएं नहीं ले सकेंगे जो अडानी समूह द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
सेलेबी की सफाई: “हम तुर्की की कंपनी नहीं”
पूरे विवाद पर सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया लिमिटेड ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह खुद को तुर्की की कंपनी नहीं मानती। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और निष्पक्षता के मानकों का पालन करते हैं और उनका किसी भी देश की सरकार या राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है।
अब देखना होगा कि भारत सरकार इस स्पष्टीकरण को स्वीकार करती है या नहीं।





