Isa Ahmad
रामनगरी अयोध्या में गुरुवार से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। शहर में चलने वाली करीब 25 इलेक्ट्रिक बसों के चालक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर उतर आए हैं। हड़ताल के चलते सभी बसें डिपो में खड़ी हैं, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चालकों की शिकायत: ड्यूटी, वर्दी और सुविधाओं की भारी कमी
बस चालकों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से ड्यूटी नहीं दी जाती। कई कर्मचारियों को अब तक न तो जॉइनिंग लेटर मिला है और न ही पहचान पत्र (आईडी कार्ड)। इतना ही नहीं, विभाग की ओर से वर्दी उपलब्ध नहीं कराई जाती, जिसके चलते चालकों को अपनी वर्दी स्वयं के पैसे से खरीदनी पड़ती है।
इसके अलावा, बसों को चार्ज करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चार्जिंग प्वाइंट पर ऑपरेटरों की अनुपस्थिति और तकनीकी कमियों के कारण अक्सर बसों का संचालन बाधित रहता है।
हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के ऐलान के बाद सभी इलेक्ट्रिक बसें डिपो में खड़ी कर दी गईं, जिससे शहर में सफर कर रहे यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आम लोगों को बस स्टॉप पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वालों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
बस चालक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाता है, ताकि अयोध्या की सड़कों पर फिर से इलेक्ट्रिक बसें दौड़ सकें।





