Isa Ahmad
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इलाज के नाम पर एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने 13 साल की मासूम बच्ची की जान ले ली। मामला पेण्ड्रा क्षेत्र के विशेषरा गाँव का है। मृतक बच्ची की पहचान खुश्बू वाकरे के रूप में हुई है, जो सातवीं कक्षा की छात्रा थी।
जानकारी के अनुसार, खुश्बू को बीती रात अचानक तेज़ दस्त की शिकायत हुई थी। परिजन घबराकर गाँव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर भगवानदास के पास पहुंचे, जो पिपलामार गाँव का निवासी बताया जा रहा है।
मृतक की मां ने बताया कि “बिटिया की तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी, इसलिए हमने उसका इलाज डॉक्टर भगवानदास से कराया। इसके पहले भी हम लोग उससे इलाज कराते रहे हैं और ठीक भी होते रहे हैं, पर आज इलाज के दौरान पता नहीं क्या हुआ कि हमारी बिटिया की जान चली गई।”
मां ने रोते हुए बताया कि रात में खुश्बू को लगातार दस्त हो रहे थे। सुबह झोलाछाप डॉक्टर ने कुछ दवाइयाँ दीं, लेकिन हालत और बिगड़ती चली गई। जब बच्ची की तबीयत और ज्यादा खराब हुई तो डॉक्टर ने उसे कहीं और ले जाने की सलाह दी, लेकिन उसी दौरान खुश्बू ने दम तोड़ दिया।
परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक आशंका है कि बच्ची को अत्यधिक डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) होने के कारण उसकी मौत हुई है, और झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।
इस घटना से पूरे गाँव में शोक की लहर है। मृतक बच्ची के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।





