REPORT- VAIBHAV CHOUDHARY, BY- ISA AHMAD
धमतरी। शारदीय नवरात्रि के समापन के साथ ही धमतरी में मंदर माई की ज्योत-जवारा विसर्जन यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह इस बार भी मराठापारा स्थित मंदर माई मंदिर से हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए। सैकड़ों कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा में भाग लिया और माता की आराधना की।
भक्ति और उत्साह से भरा माहौल
शुक्रवार की शाम मंदर माई मंदिर से कलश और जवारा की शोभायात्रा निकाली गई। भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव से माता की आरती उतारी और मंदर माई के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यात्रा मराठापारा से प्रारंभ होकर रामबाग, बिलाईमाता मंदिर होते हुए शीतला मंदिर पहुंची। वहां महिमासागर तालाब में विधिवत पूजा के बाद ज्योत और जवारा का विसर्जन किया गया।
पीढ़ियों से चल रही आस्था की परंपरा
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि पंचमी से नवरात्र की शुरुआत होती है और विजयादशमी के दूसरे दिन विसर्जन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मंदर माई की महिमा अपरंपार है—ऐसा विश्वास है कि माता हर साल झांपी से निकलकर भक्तों को दर्शन देती हैं। इस दिन दूर-दूर से श्रद्धालु मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित करने और माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।
इस दौरान मराठापारा और आसपास के इलाकों में लोगों ने अपने घरों में पूजा की थाली सजाई, जवारा की पूजा की और सुख-समृद्धि की कामना की। मांदर की थाप पर महिलाएं और बालिकाएं झूमती नजर आईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बन गया।





