BY: MOHIT JAIN
मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर फिर से शुरू होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर दिख सकता है। दक्षिणी जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा रहेगा।
अगले 4 दिन हल्की बारिश और तेज हवा का अनुमान

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पांचवें दिन से फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
हाल ही में सोमवार को ग्वालियर में 9 घंटे में सवा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला और सागर में भी हल्की बारिश हुई।
बड़वानी और खरगोन में फसलों को नुकसान
बड़वानी जिले के तलवाड़ा बुजुर्ग गांव में बारिश का पानी खेतों में घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने बताया कि तीन हेक्टेयर में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई, जिससे लगभग 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ।
खरगोन में नमी के कारण कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई। जिनिंग फैक्ट्रियों में रखी 700 क्विंटल कपास भी गीली हो गई। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने बताया कि बारिश के कारण किसानों को खेतों से कपास चुनाई नहीं करवा पा रहे हैं।
मानसून की विदाई में देरी

मौसम विभाग का कहना है कि नया सिस्टम बनने के कारण मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। पहले ही 12 जिलों में मानसून विदा हो चुका है, जिनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं।
इस साल मानसून 16 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था। सामान्य तौर पर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे बढ़ सकती है।
अब तक 122% बारिश दर्ज
मध्यप्रदेश में 16 जून से अब तक औसत 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य बारिश 37.2 इंच थी। इस हिसाब से 7.8 इंच अधिक बारिश दर्ज की गई है, यानी अब तक बारिश का आंकड़ा 122 प्रतिशत तक पहुँच गया है।





