भूकंप से फिर कांपा म्यांमार, असम-नागालैंड-मणिपुर तक महसूस हुए झटके

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भूकंप से फिर कांपा म्यांमार, असम-नागालैंड-मणिपुर तक महसूस हुए झटके

BY: MOHIT JAIN

मंगलवार सुबह म्यांमार में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के झटके भारत के पूर्वोत्तर राज्यों — असम, मणिपुर और नागालैंड तक महसूस किए गए। राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।

भूकंप का समय और केंद्र

  • राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, झटके सुबह 6:10 बजे आए।
  • इसका केंद्र भारत-म्यांमार सीमा पर, मणिपुर के उखरूल से लगभग 27 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था।
  • भूकंप की गहराई जमीन से 15 किलोमीटर रही।
  • सटीक लोकेशन अक्षांश 24.73°N और देशांतर 94.63°E पर दर्ज की गई।

पूर्वोत्तर के शहरों में असर

भूकंप का केंद्र नागालैंड और मिजोरम के कई शहरों के बेहद करीब था।

  • नागालैंड के वोखा से 155 किमी दूर
  • दीमापुर से 159 किमी दूर
  • मोकोकचुंग से 177 किमी दूर
  • मिजोरम के न्गोपा से 171 किमी दूर
  • चम्फाई से 193 किमी दूर

इसी वजह से पूर्वोत्तर के कई इलाकों में लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी हुई है और किसी भी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

हाल की भूकंपीय गतिविधियां

यह ताजा भूकंप पिछले कुछ हफ्तों में आए कई झटकों की कड़ी है।

  • 21 सितंबर: बांग्लादेश में 4.0 तीव्रता का भूकंप, झटके मेघालय तक पहुंचे।
  • 14 सितंबर: म्यांमार में 4.6 तीव्रता का भूकंप।

ये घटनाएं साफ दर्शाती हैं कि यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।

क्यों बार-बार आते हैं झटके?

म्यांमार चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेटों — के चौराहे पर स्थित है। यही वजह है कि यहां भूकंप बार-बार आते हैं।

इसके अलावा, 1,400 किलोमीटर लंबा सागाइंग फॉल्ट म्यांमार के लिए बड़े खतरे का कारण है। यह फॉल्ट सागाइंग, मंडले, बागो और यांगून जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है।

इतिहास बताता है कि 1903 के बागो भूकंप (7.0 तीव्रता) जैसे घटनाओं ने यांगून जैसे बड़े शहरों में भी भारी नुकसान किया था।

भले ही आज का भूकंप छोटा रहा और किसी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन म्यांमार और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से उच्च जोखिम वाला है, और यहां किसी भी समय बड़ा भूकंप आ सकता है।

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