BY: MOHIT JAIN
23 महीने बाद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान जेल से रिहा हो गए हैं। उनके बेटे अदीब और अब्दुल्ला आजम उन्हें लेने के लिए सीतापुर जेल पहुंचे। जेल से बाहर निकलते ही आजम खान ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया, और उन्हें देखने के लिए वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई।
जेल से रिहाई के समय सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बेटे अदीब ने कहा, “आज के हीरो आजम साहब हैं।”
रिहाई में हुई देरी, जुर्माने की वजह

आजम खान की रिहाई मंगलवार सुबह 9 बजे तय थी, लेकिन कागजी कार्रवाई के दौरान एक नया पेंच सामने आया। रामपुर कोर्ट में आजम खान पर एक केस चल रहा था, जिसमें 6 हजार रुपये का जुर्माना था। जुर्माना न भर पाने की वजह से उनकी रिहाई रोक दी गई।
सुबह 10 बजे कोर्ट खुलते ही रिश्तेदार फरहान उल्ला खान ने जुर्माने की रकम जमा कर दी। इसके बाद ईमेल के जरिए जेल प्रशासन को सूचना दी गई और आजम खान को रिहा किया गया।
हाईकोर्ट ने 5 दिन पहले दी थी जमानत
आजम खान के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं। 5 दिन पहले हाईकोर्ट ने उन्हें बार पर कब्जे से जुड़े एक मामले में जमानत दी थी। हालांकि पुलिस ने शत्रु संपत्ति मामले में नई धाराएं जोड़ दी थीं। 20 सितंबर को रामपुर कोर्ट ने इन धाराओं को खारिज कर दिया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
जेल के बाहर पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
आजम खान को लेने जेल बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यकर्ताओं की 25 गाड़ियों का ट्रैफिक पुलिस ने चालान कर दिया। पुलिस का कहना था कि ये सभी गाड़ियां नो पार्किंग जोन में खड़ी थीं।





