by: vijay nandan
वॉशिंगटन: अमेरिका के टेक्सास राज्य में बन रही हनुमान जी की विशालकाय प्रतिमा को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के नेता अलेक्जेंडर डंकन ने विवादित टिप्पणी की है। डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक और MAGA (Make America Great Again) अभियान से जुड़े डंकन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, “हम एक ईसाई राष्ट्र हैं, फिर टेक्सास में एक झूठे हिंदू भगवान की झूठी मूर्ति क्यों लगाई जा रही है?”
Why are we allowing a false statue of a false Hindu God to be here in Texas? We are a CHRISTIAN nation!pic.twitter.com/uAPJegLie0
— Alexander Duncan (@AlexDuncanTX) September 20, 2025
उनकी यह टिप्पणी न केवल हिंदू समुदाय को आहत कर रही है बल्कि अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार पर भी सवाल खड़े कर रही है
हिंदू अमेरिकन फ़ाउंडेशन (HAF) की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका के प्रमुख हिंदू संगठन HAF (Hindu American Foundation) ने डंकन के बयान को “हिंदू-विरोधी” और “उकसाने वाला” बताया।
- HAF ने इस पूरे मामले की जानकारी रिपब्लिकन पार्टी को भेजी है और आंतरिक जांच की मांग की है।
- संगठन ने X पर लिखा, “क्या टेक्सास GOP अपनी पार्टी के उस नेता पर कार्रवाई करेगी, जो खुलेआम भेदभावपूर्ण बयान दे रहा है और धार्मिक स्वतंत्रता के अमेरिकी मूल्यों को ठेस पहुँचा रहा है?”
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
डंकन के बयान पर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हो रही है।
- एक यूज़र ने लिखा, “आप अपनी आस्था मानने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन किसी और के भगवान को ‘झूठा’ कहना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।”
- डॉक्टर ट्रेसी नाम की यूज़र ने कहा, “हिंदू धर्म सद्गुणों के विकास को बढ़ावा देता है। थोड़ा अध्ययन कीजिए, समस्या कहीं और है।”
- इंफ्लुएंसर जॉर्डन क्राउडर ने टिप्पणी की, “वेद ईसा मसीह के जन्म से 2000 साल पहले लिखे गए थे और ईसाई धर्म पर उनका गहरा प्रभाव है। जिस धर्म ने आपके धर्म को प्रभावित किया है, उसका सम्मान करना समझदारी होगी।”
हनुमान प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’
टेक्सास के सुगर लैंड स्थित श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर परिसर में 90 फुट ऊँची कांस्य हनुमान प्रतिमा स्थापित की जा रही है।
- इसका नाम ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ रखा गया है।
- यह प्रतिमा भक्ति, शक्ति और एकता का प्रतीक मानी जा रही है।
इसी प्रतिमा को लेकर अलेक्जेंडर डंकन ने आपत्तिजनक बयान दिया था।
धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल
अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन में धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है। ऐसे में किसी धर्म या भगवान के प्रति अपमानजनक टिप्पणी न केवल भारतीय मूल के नागरिकों को आहत करती है बल्कि अमेरिका के लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी जाती है।
अलेक्जेंडर डंकन लगातार मुसलमानों के खिलाफ भी जहर उगलते रहे हैं। वो मुसलमानों को अमेरिका से भगाने की मांग कर रहे हैं और अब उन्होंने हनुमान जी की प्रतिमा पर सवाल उठाया है। उनके इस बयान ने अमेरिकी हिंदुओं को नाराज कर दिया है।
आपको बता दें कि टेक्सास के सुगर लैंड में एक विशालकाय हनुमान जी की प्रतिमा बनवाई जा रही है। इसे ‘स्टैच्यू ऑफ यूनियन’ नाम दिया गया है, जो श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में हनुमान की 90 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा है। यह प्रतिमा भक्ति, शक्ति और एकता के प्रतीक के रूप में समर्पित है। इसी प्रतिमा को लेकर अलेक्जेंडर डंकन ने विवादित टिप्पणी की है।





