BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली: धौला कुआं इलाके में हुए भीषण BMW हादसे में वित्त मंत्रालय (नॉर्थ ब्लॉक) के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में उनकी पत्नी संदीपा कौर गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद अब यह मामला रहस्य और विवादों से घिरता जा रहा है।
परिवार का आरोप: “जानबूझकर नहीं बचाया गया नवजोत को”
मृतक के परिवार ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। नवजोत की भाभी ने कहा कि हादसे के बाद उन्हें पास के किसी अस्पताल में न ले जाकर दूर ले जाया गया, जिससे उनकी जान जा सकती थी।
उनके मुताबिक धौला कुआं के आसपास कई बड़े अस्पताल मौजूद थे, लेकिन समय पर सही मेडिकल सुविधा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा,
“मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी उम्र 80 से ऊपर है और बेटे की मौत उनके लिए असहनीय है। हमें न्याय चाहिए। चाहे गलती अस्पताल वालों की हो या BMW चलाने वाली महिला की, सजा मिलनी ही चाहिए।”
ड्राइवर का बयान: “महिला ने खुद रास्ता बदला”
घटना के बाद नवजोत और उनकी पत्नी को अपनी वैन में अस्पताल पहुंचाने वाले ड्राइवर ने चौंकाने वाला बयान दिया है। ड्राइवर के मुताबिक उसने दोनों को सड़क से उठाकर अपनी गाड़ी में डाला, तभी BMW चलाने वाली महिला भी वैन में बैठ गई।
ड्राइवर ने बताया,
“उस महिला ने मुझे आजादपुर की ओर गाड़ी मोड़ने को कहा। धौला कुआं से आजादपुर लगभग 30 मिनट दूर है। रास्ते में वह लगातार फोन पर किसी डॉक्टर से बात कर रही थी और कह रही थी कि सबकुछ तैयार रखो, हम पहुंच रहे हैं।”
इस बयान के बाद परिवार का शक और गहरा हो गया है कि शायद महिला ने जानबूझकर नवजोत को पास के अस्पताल में न ले जाकर उनकी जान बचाने का मौका गंवा दिया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस अब इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। वैन ड्राइवर के बयान, हादसे के समय महिला के कॉल रिकॉर्ड्स और अस्पताल पहुंचने की समयरेखा की पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते तेज रफ्तार हादसों और VIP मामलों में जांच के नजरिए को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।





