BY: Yoganand Shrivastva
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में जमीन विवाद को लेकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोनू कुमार पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस घटना में शामिल तीन नामजद आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी और बिल्डर जेपी दुबे, सुनील पासी और विकास पासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जेपी दुबे का सीधा संबंध माफिया अतीक अहमद के गिरोह से रहा है।
जमीन विवाद से शुरू हुआ विवाद
यह घटना एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के पीपल गांव में हुई। सोनू कुमार ने आरोप लगाया कि बिल्डर जेपी दुबे उनकी करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। जब सोनू ने इसका विरोध किया, तो दुबे के लोगों ने उनकी जेपी दुबे से वीडियो कॉल पर बात करवाई। आरोप है कि दुबे के इशारे पर सोनू कुमार के साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। डीसीपी अभिषेक भारती के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी अभिजीत कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। एयरपोर्ट थाने के प्रभारी विनय सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया।
अतीक अहमद के नेटवर्क से जुड़े तार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बिल्डर जेपी दुबे का अतीक अहमद के गिरोह से पुराना रिश्ता रहा है। वह अतीक के जमीन कारोबार का हिस्सा था और पहले भी उस पर कार्रवाई हो चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके ठिकानों पर छापे मारे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अतीक अहमद के नेटवर्क को ध्वस्त करने के बाद भी उसके करीबी लोग गुप्त रूप से अवैध जमीन कारोबार चला रहे हैं। यही वजह है कि इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जमीन कब्जे का बड़ा खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि जेपी दुबे रियल एस्टेट कारोबार में सक्रिय रहते हुए धमकी और दबाव के जरिए जमीनों पर कब्जा कर रहा था। सोनू कुमार की जमीन भी उसकी नजर में थी। इसी वजह से उसने हमला करवाया। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।





