BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: 15वें उपराष्ट्रपति पद के लिए मंगलवार को संसद के वाणिज्य भवन में वोटिंग जारी रही। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया दोपहर 3 बजे तक लगभग 96% पूरी हो चुकी थी। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसके बाद वोटों की गिनती की जाएगी और परिणाम घोषित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर पहला वोट डाला। एनडीए ने 68 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि I.N.D.I.A गठबंधन ने 79 वर्षीय बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। कुल 781 सांसद मतदान करेंगे, जिनमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं।
पार्टियों की स्थिति
BRS और BJD ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है और किसी भी गठबंधन का समर्थन नहीं करेंगे। राज्यसभा में BRS के चार और BJD के सात सांसद हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में बाढ़ के कारण मतदान से इनकार किया। AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने I.N.D.I.A उम्मीदवार का समर्थन किया। YSRCP के 11 सांसदों ने NDA उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने का निर्णय लिया है।
मतदान और सुरक्षा
लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को मतदान के लिए विशेष पेन का इस्तेमाल करना अनिवार्य है, ताकि हर वोट वैध माना जा सके। मतदान के दौरान कई वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री संसद पहुंचे। पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा व्हीलचेयर पर वोट डालने आए, जबकि बारामूला सांसद शेख अब्दुल राशिद तिहाड़ जेल से मतदान करने संसद पहुंचे।
उम्मीदवारों का बयान
सीपी राधाकृष्णन ने जीत की उम्मीद जताई और कहा कि उनका लक्ष्य एक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना है। वहीं, सुदर्शन रेड्डी ने सभी सांसदों से अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट देने का आग्रह किया।
पिछली जीत और रिकॉर्ड
उपराष्ट्रपति पद के लिए पहले भी कई मुकाबले हुए हैं। सबसे बड़ी जीत डॉ. केआर नारायणन को मिली थी, जिन्हें 1992 में 700 वोट मिले थे। वहीं, राधाकृष्णन और हामिद अंसारी ऐसे नेता रहे जिन्होंने दो बार इस पद पर कब्जा किया।





