सामाजिक चुनौतियों के समाधान में शिक्षक बनें अग्रदूत: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

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BY: Yoganand Shrivastva

भोपाल, मध्यप्रदेश में शिक्षक दिवस पर राजधानी भोपाल के आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक लाख 50 हजार शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान देने की बड़ी घोषणा की। साथ ही कक्षा 1 से 8वीं तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में गणवेश खरीदने के लिए ₹330 करोड़ की राशि अंतरित की गई।


शिक्षक समाज के निर्माता हैं: राज्यपाल पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आज के दौर में शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देने और चुनौतियों के समाधान में उनकी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत 2047” का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके लिए शिक्षकों का योगदान अनिवार्य है।

उन्होंने कहा,

“शिक्षक भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। आज बच्चों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं, ऐसे में शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों का मार्गदर्शन करने में और सक्रिय होना चाहिए।”

राज्यपाल ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को देश की धरोहर बताते हुए राम-कृष्ण युग की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।


1.50 लाख शिक्षकों को चौथा वेतनमान मिलेगा: मुख्यमंत्री यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार शिक्षकों को सुविधाजनक माहौल देने और उनके मान-सम्मान को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक सहित नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर लगभग ₹117 करोड़ का अतिरिक्त व्यय आएगा।

उन्होंने कहा,

“गुरु का स्थान भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च है। गुरु ही ज्ञान के साथ-साथ संस्कारों का संचार करते हैं। आधुनिक युग में मशीनें तो बनाई जा सकती हैं, लेकिन संस्कार केवल शिक्षक ही दे सकते हैं।”


संस्कार और शिक्षा का महत्व

मुख्यमंत्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण के जीवन से उदाहरण देते हुए कहा कि महर्षि विश्वामित्र और महर्षि सांदीपनि जैसे गुरुओं ने भारत को ऐसे महान नायक दिए जिन्होंने इतिहास रचा। उन्होंने शिक्षकों को ‘ज्ञान का दान देने वाला समाज का सच्चा सेवक’ बताया।


मध्यप्रदेश में शिक्षा का बढ़ता स्तर

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा है, जो 15 वर्षों में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर शिक्षा के नए मानक गढ़े जा रहे हैं।


शिक्षक दिवस का महत्व

मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने देश के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि उनके योगदान के कारण ही हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर का भी उल्लेख किया, जहां आदि शंकराचार्य का जीवन बदला और वे जगतगुरु बने।


शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों को सम्मानित किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय और अन्य जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे।

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को बरगद के पेड़ की कलाकृति भेंट की। पूरे समारोह में छात्रों और शिक्षकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

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