कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिकता मिलने से तीन साल पहले ही उनका नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया था। इस मामले को लेकर अब राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है और 10 सितंबर को इस पर सुनवाई होगी।
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शिकायत में क्या कहा गया है?
- वकील विकास त्रिपाठी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में क्रिमिनल कंप्लेन दर्ज कराई है।
- शिकायत में कहा गया है कि सोनिया गांधी को भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली, लेकिन
1980 में ही उनका नाम दिल्ली वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया। - सवाल उठाया गया है कि क्या वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लिया गया?
- याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि पुलिस FIR दर्ज करे या इस मामले पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे।
- यह शिकायत एसीजेएम वैभव चौरेसिया की अदालत में लगी है।
10 सितंबर को सुनवाई
याचिका पर सुनवाई 10 सितंबर 2025 को होगी। अगर कोर्ट FIR दर्ज करने का आदेश देती है, तो यह सोनिया गांधी के लिए एक नई कानूनी चुनौती साबित हो सकती है।
सोनिया गांधी का बैकग्राउंड
- सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के लूसियाना गांव में हुआ था।
- उनका असली नाम एंटोनिया एडविज अल्बिना मायनो है।
- वे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं।
- 1964 में इंग्लैंड गईं, जहां राजीव गांधी से मुलाकात हुई।
- 1968 में शादी के बाद वे भारत आईं और 1983 में भारतीय नागरिकता ली।
नेशनल हेराल्ड केस भी जारी
सोनिया गांधी पहले से ही नेशनल हेराल्ड केस में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं:
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
- उन पर और राहुल गांधी पर 988 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और
2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने के आरोप हैं। - केस में धारा 420, 120बी, 403 और 406 के तहत सुनवाई चल रही है।
यह मामला क्यों है चर्चा में?
- यह मामला इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि यह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
- अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह ऐतिहासिक कानूनी मामला बन सकता है।
- कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
सोनिया गांधी पर नागरिकता मिलने से पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज होने का मामला गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। 10 सितंबर को कोर्ट का फैसला आने के बाद इस विवाद का भविष्य तय होगा। फिलहाल, राजनीतिक गलियारों में यह मामला हॉट टॉपिक बन चुका है।





