BY: Yoganand Shrivastva
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत अब भारत को जापान की नई पीढ़ी की E10 शिंकानसेन ट्रेन मिलने वाली है। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट में E5 सीरीज ट्रेन देने की योजना थी, लेकिन तकनीकी उन्नयन और परियोजना में देरी के कारण अब भारत को E10 सीरीज ट्रेन दी जा रही है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की नींव सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने गुजरात के साबरमती में रखी थी। इसके लिए जापान ने कुल लागत का 80% सॉफ्ट लोन के रूप में देने का समझौता किया। पहला फेज 2027 तक गुजरात में चालू होने की उम्मीद है, जबकि पूरे 508 किलोमीटर के मार्ग पर सेवा 2028 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ट्रेन के संचालन से मुंबई-अहमदाबाद की दूरी मात्र 2 घंटे 7 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
E10 शिंकानसेन की तकनीकी विशेषताएँ
- अधिकतम गति 320 किमी/घंटा, तकनीकी क्षमता 360 किमी/घंटा तक।
- L-शेप गाइड और लैटरल डैम्पर्स, जो भूकंप और झटकों से सुरक्षा देते हैं।
- ब्रेकिंग डिस्टेंस में 15% की कमी, यानी ट्रेन 3.4 किलोमीटर में रुक सकती है।
- व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष सीटें और लचीली सीटिंग व्यवस्था।
- अधिक सामान रखने की सुविधा।
- बिज़नेस क्लास में लेदर रिक्लाइनर सीट्स, इन-बिल्ट डेस्क और ऑनबोर्ड Wi-Fi।
- भविष्य में पूरी तरह ऑटोमेटेड संचालन की क्षमता।
E10 ट्रेन का डिजाइन
ट्रेन का डिजाइन जापान के चेरी ब्लॉसम (सकुरा) फूलों से प्रेरित है और इसमें नवीनतम भूकंप-रोधी तकनीक शामिल है।
भारत में संचालन और भविष्य की योजनाएं
E10 सीरीज़ जापान में 2030 से परिचालन में आएगी। भारत में 2027 में E5 ट्रेन का अस्थायी रूप से उपयोग किया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जापान में उस फैक्ट्री का दौरा भी करेंगे, जहां E10 ट्रेन का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, भारत में अन्य हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स के लिए भी योजनाओं पर चर्चा होगी।
बुलेट ट्रेन क्या है?
बुलेट ट्रेन या हाई-स्पीड ट्रेन आमतौर पर 250 किमी/घंटा से अधिक की गति से चलती है और इसके लिए अलग से डेडिकेटेड ट्रैक की आवश्यकता होती है। दुनिया के कई देशों जैसे जापान, फ्रांस, चीन, जर्मनी और स्पेन में यह सेवा पहले से उपलब्ध है।