BY: Yoganand Shrivastva
अमेरिका और भारत के बीच जारी टैरिफ विवाद के बीच, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत पुतिन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है। ग्राहम ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत, चीन, ब्राजील और अन्य देश जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर रूस की युद्ध मशीनरी को समर्थन दे रहे हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ग्राहम ने धमकी भरे अंदाज में कहा, “आपकी खरीदारी के चलते मासूम नागरिकों पर हिंसा हो रही है। भारत इसका अनुभव कर रहा है और अन्य देश भी जल्द ही इसकी कीमत चुकाएंगे।”
सीनेटर ग्राहम पहले भी इस तरह के कड़े बयान दे चुके हैं। जुलाई 2025 में उन्होंने चेतावनी दी थी कि चीन, भारत और ब्राजील को यदि उन्होंने सस्ता रूसी तेल खरीदना जारी रखा तो उनकी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान होगा। उनके अनुसार, यह ‘ब्लड मनी’ है और अमेरिका अब इस खेल से थक चुका है। ग्राहम ने कहा था कि इन देशों के सामने विकल्प है—या अमेरिकी अर्थव्यवस्था चुनें या पुतिन का समर्थन जारी रखें।
इस बयान पर अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट सदस्यों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर टैरिफ लगाकर उसे विशेष रूप से निशाना बनाने की आलोचना की। उनका कहना है कि चीन और अन्य बड़े खरीदारों पर प्रतिबंध न लगाकर केवल भारत को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँच रहा है।
डेमोक्रेट्स ने इस प्रक्रिया को अमेरिका-भारत संबंधों के लिए हानिकारक बताया और कहा कि यह केवल यूक्रेन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें अमेरिका के आर्थिक और राजनीतिक हित भी प्रभावित हो रहे हैं।
इस बयान ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद आर्थिक तनाव को और बढ़ा दिया है और भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों पर इसके असर को लेकर चिंता जताई जा रही है।