BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: जिले में ‘मछली’ परिवार के कब्जे से मुक्त हुई करीब 65 एकड़ जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर जिला प्रशासन ने प्लानिंग शुरू कर दी है। साथ ही, परिवार के द्वारा कृषि भूमि पर कब्जे की भी आशंका जताई गई है, जिसकी जांच राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के माध्यम से की जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई और जमींदोज प्रॉपर्टी
जिला प्रशासन ने पिछले 23 दिनों में लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की सात प्रॉपर्टी को जमींदोज किया है। पहली कार्रवाई 30 जुलाई और दूसरी 21 अगस्त को की गई। सभी संपत्तियां हथाईखेड़ा डैम के पास स्थित थीं।
- 30 जुलाई: इस दिन छह अवैध निर्माण ढहाए गए। इनकी कुल कीमत लगभग 75 करोड़ रुपये आंकी गई।
- 21 अगस्त: हथाईखेड़ा डैम से कुछ दूरी पर स्थित तीन मंजिला आलीशान कोठी को जमींदोज किया गया। 15 हजार स्क्वायर फीट में बनी इस कोठी और जमीन की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये अनुमानित की गई। यह बिल्डिंग साल 1990 में बनी थी और इसमें गैराज, पार्क, पोर्च जैसी सुविधाएं थीं।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ और जमीन पर कब्जे की जानकारी सामने आई है, जिसमें कृषि भूमि भी शामिल हो सकती है। तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि अधिकांश अवैध कब्जे हटाए जा चुके हैं और बाकी की जांच जारी है।
गिरफ्तारी और पिछले मामले
पिछले महीने जुलाई में भोपाल पुलिस ने कॉलेज छात्राओं से जुड़े रेप-ब्लैकमेलिंग केस में शाहवर मछली और उनके भतीजे यासीन को गिरफ्तार किया था।
- दोनों को क्राइम ब्रांच ने गेराबंदी कर गैमन मॉल के पास से गिरफ्तार किया।
- तलाशी में उनके पास तीन ग्राम एमडी ड्रग और एक देशी पिस्टल बरामद हुई।
- यासीन के मोबाइल से ऐसे वीडियो भी मिले, जिसमें वह युवकों को निर्वस्त्र कर मारते हुए दिखाई दे रहा था।
- पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी राजस्थान से ड्रग्स मंगवाकर भोपाल में अलग-अलग पब और लाउंज तक पहुंचाते थे।
इस गिरफ्तारी और उसके बाद की कार्रवाई के चलते प्रशासन ने मछली परिवार की अवैध संपत्ति पर सख्त कदम उठाया।
आगे की कार्रवाई
जिला प्रशासन का कहना है कि पूरी पड़ताल के बाद यदि किसी अन्य जमीन या कृषि भूमि पर अवैध कब्जा सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया कानून के अनुसार संपत्ति की सुरक्षा और सही उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।





