BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़े लूट मामले ने सनसनी मचा दी है। विवेक विहार इलाके में एक महिला सहित चार लोगों ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताया और एक व्यापारी के कार्यालय से करीब 2.3 करोड़ रुपये की नकदी लूट ली। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूरे गिरोह की पहचान करने में जुटी है।
कैसे हुई लूट
शिकायतकर्ता मनप्रीत, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम के रहने वाले हैं, फाइनेंस, प्रॉपर्टी डीलिंग और निर्माण कार्य से जुड़े हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने 19 अगस्त को अपने दोस्त रविशंकर से 1.10 करोड़ रुपये लेकर अपने निवास स्थान लाने को कहा था।
लुटेरों ने बनाई नकली पहचान
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने बताया कि जैसे ही रविशंकर नकदी से भरा बैग लेकर बाहर निकले, दो कारों से चार लोग—जिनमें एक महिला भी थी—उतर आए। उन्होंने खुद को CBI अधिकारी बताया और रविशंकर से बैग छीन लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे मारपीट कर बैग जब्त किया और उसे संपत्ति के अंदर ले जाने के लिए मजबूर किया।
पिटाई और नकदी की लूट
संपत्ति के अंदर आरोपियों ने मनप्रीत के कर्मचारी दीपक माहेश्वरी की पिटाई की और वहां रखी शेष नकदी भी अपने कब्जे में ले ली।
गिरफ्त में आए दो आरोपी
पुलिस ने मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान एनजीओ के सचिव और असम के निवासी पापोरी बरुआ (31) तथा तुगलकाबाद के निवासी दीपक (32) के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरी टीम के साथ मामले की गहन जांच कर रही है।





