BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली। हाल ही में हुए हमले से उबरने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आईं। उनकी वापसी के साथ ही सुरक्षा के बेहद कड़े इंतज़ाम किए गए। कार्यक्रम स्थल पर अर्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस तैनात रही। यहां तक कि पत्रकारों के बैग और लंच बॉक्स तक की तलाशी ली गई।
पहला सार्वजनिक कार्यक्रम
हमले के बाद शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे रेखा गुप्ता एसोसिएशन ऑफ़ होलसेल गारमेंट्स डीलर्स के आयोजन में पहुंचीं। दोपहर बाद 4 बजे वे दिल्ली सरकार के इंडस्ट्रियल Ideathon के फाइनल में शामिल होंगी। इसमें दिल्ली के 13 कॉलेजों की 40 टीमों ने उद्योगों को बढ़ावा देने से जुड़े नीति सुझाव पेश किए।
अब हर विधानसभा में होगी जनसुनवाई
सीएम गुप्ता ने ऐलान किया है कि अब जनसुनवाई सिर्फ मुख्यमंत्री आवास तक सीमित नहीं रहेगी। इसे हर विधानसभा में आयोजित किया जाएगा। इस पहल का नाम रखा गया है – ‘आपकी मुख्यमंत्री, आपके द्वार’। वहीं, हमले के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। अब 20 से ज्यादा CRPF जवान 24 घंटे उनके साथ रहेंगे।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
इस हमले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच कर रही है। टीम ने गुजरात के राजकोट से आरोपी राजेश के एक दोस्त को पकड़ा है। आरोप है कि इसी ने राजेश को आर्थिक मदद दी थी। पुलिस अब उसे दिल्ली लेकर आ रही है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर पर गिरी गाज
हमले के बाद सुरक्षा चूक का असर दिल्ली पुलिस पर भी पड़ा है। महज़ 21 दिन के भीतर ही पुलिस कमिश्नर एस.बी.के. सिंह (शशि भूषण कुमार सिंह) को पद से हटा दिया गया। उनकी जगह सतीश गोलचा को नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
नया पुलिस कमिश्नर कौन?
सतीश गोलचा 1992 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे इससे पहले दिल्ली पुलिस में DCP, जॉइंट सीपी और स्पेशल सीपी के पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वे तिहाड़ जेल के महानिदेशक थे। अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी के तौर पर भी उन्होंने काम किया है।





