BY: Yoganand Shrivastava
इंदौर में हाल ही में नियुक्त कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। अब पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता और इंदौर शहर कांग्रेस की पूर्व महिला अध्यक्ष साक्षी शुक्ला डागा, जो दिग्गज नेता अनिल शुक्ला की बेटी हैं, ने इस नियुक्ति के खिलाफ कांग्रेस आलाकमान को पत्र लिखा है।
‘एक व्यक्ति–एक पद’ नियम का उल्लंघन – साक्षी शुक्ला
अपने पत्र में साक्षी शुक्ला ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को लिखा है कि इंदौर में “एक व्यक्ति–एक पद” का सिद्धांत पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।
साक्षी ने कहा कि सितंबर 2022 में उदयपुर चिंतन शिविर के दौरान राहुल गांधी ने साफ़ निर्देश दिए थे कि यह नियम सख्ती से लागू किया जाए। लेकिन इंदौर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दोनों पद एक ही व्यक्ति को दे दिए गए हैं। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष फैला है।
कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा – पत्र की आपत्तियां
साक्षी ने अपने पत्र में लिखा कि इस फैसले से कई मेहनती और योग्य नेताओं के प्रयासों को ठेस पहुंची है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शहर अध्यक्ष संगठन सृजन अभियान का हिस्सा तक नहीं थे, जिससे यह नियुक्ति पार्टी की पारदर्शिता और पूर्व आदेशों की भावना के खिलाफ जाती है।
साक्षी का मानना है कि ऐसे निर्णय से समर्पित कार्यकर्ताओं का उत्साह कम होगा और इंदौर में कांग्रेस संगठन की दीर्घकालिक प्रगति पर असर पड़ सकता है।
राहुल गांधी की 24 अगस्त को बैठक
इधर, कांग्रेस सूत्रों ने बताया है कि राहुल गांधी 24 अगस्त को मध्यप्रदेश के सभी नए शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में इंदौर के विवादित नियुक्ति का मुद्दा भी उठ सकता है।





