BY: Yoganand Shrivastava
नई दिल्ली। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से लौटे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो सामने आया है, जिसमें पीएम मोदी ने शुक्ला से न केवल उनके अनुभवों के बारे में बात की बल्कि मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि “हमारा होमवर्क कैसा चल रहा है?”
स्पेस मिशन को लेकर उत्साह
बातचीत के दौरान शुक्ला ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारत के गगनयान मिशन को लेकर दुनियाभर में काफी उत्सुकता है। उन्होंने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक इसमें भाग लेने की इच्छा जता चुके हैं। शुक्ला ने अपने ISS प्रवास के दौरान सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) में काम करने, वहां किए गए प्रयोगों और अंतरिक्ष में बिताए पलों को साझा किया।
गगनयान के लिए अनुभव होगा उपयोगी
पीएम मोदी ने बातचीत में कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में 40–50 अंतरिक्ष यात्रियों का दल तैयार करना होगा। उन्होंने जोर दिया कि शुक्ला का अनुभव गगनयान मिशन और भविष्य के अभियानों के लिए बेहद मूल्यवान साबित होगा।
एक्सिओम-4 मिशन पर चर्चा
शुक्ला की यह अंतरिक्ष यात्रा एक्सिओम-4 मिशन का हिस्सा थी। उन्होंने बताया कि उनके कई विदेशी सहयात्रियों ने भी भारत के गगनयान मिशन और आगामी लॉन्च को लेकर गहरी रुचि दिखाई है। इस मुलाकात का वीडियो खुद प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किया।
पीएम मोदी का दिया हुआ “होमवर्क”
प्रधानमंत्री ने शुक्ला को मजाकिया अंदाज में याद दिलाया कि उन्हें तीन बड़े कामों पर “होमवर्क” करना है—
- गगनयान मिशन को आगे बढ़ाना,
- चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री की लैंडिंग,
- और भारत का अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करना।
मोदी ने कहा कि शुक्ला का अनुभव इन तीनों महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा।
भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा
भारत की योजना 2027 तक पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजने और 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने की है। इसके साथ ही देश ने 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री उतारने का लक्ष्य भी रखा है। प्रधानमंत्री ने शुक्ला से कहा, “आपका मिशन इस दिशा में पहला कदम है और यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।”





