BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके स्थित ऐतिहासिक हुमायूं के मकबरे के परिसर में गुरुवार शाम एक बड़ी दुर्घटना हो गई। परिसर में मौजूद एक मस्जिद के पास बने कमरे की छत अचानक गिर गई, जिसमें कई लोग दब गए। लगातार हो रही बारिश को इस हादसे की वजह माना जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे मकबरे के कैंपस में मस्जिद के पास स्थित एक कमरे की छत भरभराकर गिर पड़ी। शुरुआती अनुमान में बताया गया कि 8–9 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि कमरे में 14–15 लोग मौजूद थे। दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बाकी लोगों की तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। इलाके को खाली कराया गया और बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गुंबद का कोई हिस्सा नहीं गिरा है, बल्कि मस्जिद के पास बने कमरे की छत ढही है।
बारिश से बिगड़ी स्थिति
राजधानी में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर पेड़ गिरने और संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की घटनाएं हुई हैं। इससे पहले एक पुराने पेड़ के गिरने से बाइक सवार की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला घायल हुई थी।
हुमायूं का मकबरा – ऐतिहासिक धरोहर
16वीं सदी में 1565 से 1572 के बीच निर्मित हुमायूं का मकबरा मुगल स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे हुमायूं की पत्नी, हाजी बेगम ने बनवाया था। लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से निर्मित यह स्मारक सदियों से मौसम की मार झेलता आया है। 2007 से 2013 के बीच आगा खान ट्रस्ट द्वारा बड़े पैमाने पर इसका जीर्णोद्धार किया गया। वर्तमान में मुख्य संरचना सुरक्षित है, हालांकि मौसम और प्रदूषण के असर से कुछ हिस्सों को नुकसान हुआ है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में मकबरे की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि परिसर में बने पुराने कमरे की छत गिरी है।





