BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव 2024 में कथित वोट गड़बड़ी के आरोपों को लेकर आज INDIA गठबंधन के 25 विपक्षी दलों के 300 से अधिक सांसद सड़क पर उतर आए हैं। यह मार्च संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होकर चुनाव आयोग के मुख्यालय तक जाएगा।
विपक्षी दल न केवल चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, बल्कि बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का भी विरोध जता रहे हैं।
राहुल गांधी भी पहुंचे मार्च में
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी प्रोटेस्ट में शामिल हो गए हैं। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11:30 बजे के करीब हुई, जिसमें सांसद संसद भवन से पैदल चुनाव आयोग की ओर बढ़े।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह फैसला विपक्षी दलों के विरोध और प्रस्तावित मार्च को देखते हुए लिया गया।
गौरव गोगोई का बयान
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा –
“चुनाव आयोग को स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। वे सुनते तो हैं, लेकिन ठोस जवाब नहीं देते। आयोग को राजनीतिक दलों और जनता के सामने सच्चाई रखनी चाहिए। मार्च की अनुमति रोकना गलत है, बल्कि हमें सुरक्षा मिलनी चाहिए।”
दिल्ली पुलिस ने अनुमति से किया इनकार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मार्च के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई। ऐसे में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक पहुंचने की संभावना पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन दलों की होगी भागीदारी
इस विरोध मार्च में कई प्रमुख विपक्षी पार्टियां शामिल हैं, जिनमें –
- कांग्रेस
- समाजवादी पार्टी (SP)
- टीएमसी
- डीएमके
- वामपंथी दल
- आरजेडी
- एनसीपी (शरद पवार गुट)
- शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
- नेशनल कॉन्फ्रेंस
मार्च का रूट संसद के मकर द्वार से शुरू होकर परिवहन भवन होते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय तक तय किया गया है।





