दुनिया भर में भूकंप की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों के मन में डर और चिंता गहराती जा रही है। हाल ही में अमेरिका के अलास्का राज्य में एक शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। इस भूकंप के बाद वहां के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
कब और कहां आया भूकंप?
- स्थान: अमेरिका का अलास्का राज्य
- समय: भारतीय समयानुसार गुरुवार, 17 जुलाई 2025 की रात 2:07 बजे
- तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 7.3
- भूकंप का केंद्र: अलास्का प्रायद्वीप में जमीन के 36 किलोमीटर भीतर
7.3 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद शक्तिशाली माना जाता है और इसका असर सैकड़ों किलोमीटर तक महसूस किया जा सकता है।
सुनामी की चेतावनी क्यों दी गई?
इस शक्तिशाली भूकंप के बाद अलास्का के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। प्रशांत महासागर से सटे इलाकों में यह खतरा अधिक होता है क्योंकि समुद्र तल में हलचल से ऊंची लहरें उत्पन्न हो सकती हैं जो किनारे से टकराकर तबाही मचा सकती हैं।
भूकंप क्यों आते हैं? जानिए वैज्ञानिक कारण
भूकंप आने के पीछे सबसे बड़ा कारण होता है धरती की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स का आपस में टकराना। आइए संक्षेप में समझते हैं:
- पृथ्वी की सतह सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है।
- ये प्लेटें लगातार गति करती रहती हैं।
- कई बार ये प्लेटें फॉल्ट लाइनों पर टकरा जाती हैं।
- टकराव से बनने वाला घर्षण ऊर्जा में बदलता है।
- जब यह ऊर्जा बाहर निकलती है, तो भूकंप के रूप में धरती कांपती है।
क्या है जनता को सावधानी बरतने की जरूरत?
अलास्का जैसे भूकंपीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हमेशा तैयार रहना चाहिए। भूकंप या सुनामी की स्थिति में:
- ऊंचाई वाले स्थानों की ओर जाएं
- इलेक्ट्रिक पोल, दीवारों और पेड़ों से दूर रहें
- सरकारी अलर्ट और दिशा-निर्देशों का पालन करें
- जरूरी कागजात और आपातकालीन किट तैयार रखें
अलास्का में आए इस 7.3 तीव्रता के भूकंप ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग और सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। वैज्ञानिक चेतावनियों और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देकर हम जान-माल की हानि को काफी हद तक टाल सकते हैं।





