BY: Yoganand Shrivastva
भिंड, स्नातक परीक्षा के दौरान भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव द्वारा एक छात्र को थप्पड़ मारने का मामला नया मोड़ ले चुका है। छात्र रोहित राठौर, जिसने पहले कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, अब अपनी शिकायत से पलट गया है। उसने पुलिस को बताया कि शिकायत दबाव में और जबरन हस्ताक्षर करवा कर कराई गई थी, और अब वह किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता।
थाने में पहुंचकर खुद दी जानकारी
मंगलवार को रोहित राठौर स्वयं मेहगांव थाने पहुंचा और टीआई महेश शर्मा को एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उसने स्पष्ट किया कि पहले की गई शिकायत उसकी मर्जी से नहीं थी। उसने कहा कि अब वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहता और कलेक्टर के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाएगा।
बाद में छात्र ने कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से मुलाकात भी की, और उनके समक्ष भी यही बात दोहराई।
वायरल वीडियो से मचा था हंगामा
यह मामला तब सामने आया जब 1 अप्रैल 2025 को आयोजित परीक्षा के दौरान पंडित दीनदयाल कॉलेज, लाड़मपुरा केंद्र पर निरीक्षण करते समय कलेक्टर द्वारा छात्र को थप्पड़ मारने का सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गया। यह वीडियो 12 जुलाई को सोशल मीडिया पर आया और तेजी से चर्चा में आ गया।
घटना के अनुसार, कलेक्टर ने छात्र से प्रश्नपत्र बाहर ले जाने पर सवाल किया था, लेकिन जब छात्र संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका तो उसे थप्पड़ मारे गए और परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया।
शिकायत वकील के माध्यम से की गई थी
वीडियो वायरल होने के अगले दिन रविवार को छात्र ने वकील नरेंद्र चौधरी के माध्यम से थाने में लिखित शिकायत दी थी, और फिर सोमवार को कुछ वकील एसपी असित यादव से मुलाकात कर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी कर चुके थे।
छात्र के पुराने आरोप
शिकायत के दौरान छात्र रोहित ने आरोप लगाया था कि वह टॉयलेट गया था, लौटने पर उसकी टेबल से प्रश्नपत्र गायब था। तभी कलेक्टर पहुंचे और बिना कुछ पूछे थप्पड़ मार दिए। उसका दावा था कि कान में चोट आई थी और उस पर नकल का प्रकरण भी बना दिया गया। उसने यह भी कहा था कि कलेक्टर ने उसका पक्ष नहीं सुना।
पुलिस का बयान
मेहगांव थाने के टीआई महेश शर्मा ने पुष्टि की कि छात्र ने स्वयं आकर शिकायत वापस ली है और उसने लिखित रूप से यह भी कहा कि वह अब किसी कानूनी कार्रवाई की इच्छा नहीं रखता।





