BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल, बुधवार तड़के – शहर के कलेक्टोरेट परिसर के पास उस समय हड़कंप मच गया जब एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति बस स्टॉप की छत चढ़कर वहां से लगे लगभग 30 फीट ऊंचे होर्डिंग पर जा बैठा। उसने न सिर्फ राहगीरों से अपशब्द कहे बल्कि पुलिस को देखकर आत्महत्या की धमकी भी देने लगा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा और रैन बसेरा भिजवा दिया।
होर्डिंग पर बैठकर मचाया हंगामा
मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात लगभग 1:30 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति कलेक्टोरेट के पास स्थित बस स्टैंड की छत पर चढ़ गया और वहां से होर्डिंग की पाइप पकड़कर ऊपर जा बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह राहगीरों से बदसलूकी कर रहा था और पेड़ों की पत्तियां तोड़ते हुए गाने भी गा रहा था।
सूचना मिलते ही कोहेफिजा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी टीआई केजी शुक्ला के अनुसार, पुलिस के पहुंचते ही व्यक्ति और भी अधिक अस्थिर व्यवहार करने लगा और चिल्लाकर बोला कि अगर किसी ने पास आने की कोशिश की तो वह नीचे कूद जाएगा।
किसी तरह मनाकर नीचे उतारा
टीआई शुक्ला और उनकी टीम ने संयम बरतते हुए लगातार उसे समझाने की कोशिश की। अंततः बातचीत में उलझाकर, पुलिस जवानों की मदद से व्यक्ति को नीचे सुरक्षित उतारा गया।
मानसिक स्थिति ठीक नहीं, पहचान बताने से किया इनकार
पुलिस के अनुसार, वह व्यक्ति मानसिक रूप से असंतुलित लग रहा था। उससे कई बार उसका नाम और पता पूछा गया, लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि, बातचीत में वह सामान्य भाषा का इस्तेमाल कर रहा था।
सुरक्षा की दृष्टि से और ठहरने की व्यवस्था के तहत, पुलिस ने उसे रैन बसेरे में भिजवाया।
कोई डिमांड नहीं, सिर्फ असामान्य हरकतें
पुलिस का कहना है कि व्यक्ति की कोई खास मांग नहीं थी, न ही उसने किसी प्रकार की शिकायत जताई। उसका आचरण पूरी तरह असामान्य था, जिसे देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार हो सकता है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि शहरी सार्वजनिक स्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।





