एयर इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 1 अगस्त 2025 से अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए संचालित उड़ानों को 30 सितंबर तक के लिए निलंबित कर दिया है। यह निर्णय 12 जून को हुए AI171 विमान हादसे के बाद लिया गया है। एयरलाइन ने सुरक्षा समीक्षा के तहत यह बदलाव किया है।
अब एयर इंडिया गैटविक की जगह लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए तीन साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी।
क्यों रोकी गई गैटविक के लिए फ्लाइट्स?
- 12 जून को AI171 फ्लाइट से जुड़े भीषण हादसे ने पूरी एविएशन इंडस्ट्री को हिला दिया।
- इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से अधिकांश विमान के यात्री थे।
- एयर इंडिया ने इसे “सेफ्टी पॉज़” का नाम देते हुए अपनी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा जांच शुरू की थी।
नई उड़ान व्यवस्था क्या होगी?
- 1 अगस्त से 30 सितंबर 2025 तक गैटविक के लिए कोई फ्लाइट नहीं होगी।
- एयर इंडिया अहमदाबाद से लंदन हीथ्रो के लिए तीन साप्ताहिक उड़ानें चलाएगी।
- मौजूदा समय में एयर इंडिया गैटविक के लिए 5 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करती थी।
12 जून का हादसा: अब तक की सबसे घातक दुर्घटना
12 जून को एयर इंडिया की एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट ने अहमदाबाद से टेकऑफ किया और कुछ ही मिनटों बाद उसका संतुलन बिगड़ गया। विमान सीधे एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया।
हादसे का असर:
- 242 यात्रियों में से 241 की मौत
- ग्राउंड पर 19 लोगों की जान गई
- हादसे के पीछे माने जा रहे हैं तकनीकी व मानवीय त्रुटियां
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?
एयर एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है:
- दोनों इंजन के फ्यूल कटऑफ स्विच एक-एक सेकंड के अंतर पर RUN से CUTOFF किए गए।
- इससे ईंधन की सप्लाई बंद हो गई और इंजन बंद हो गए।
- कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट, दूसरे से “कटऑफ क्यों किया?” पूछता सुनाई देता है, लेकिन दूसरा इससे इंकार करता है।
- फ्लाइट ने 08:08:42 UTC पर 180 नॉट IAS की अधिकतम गति दर्ज की थी।
आगे क्या?
एयर इंडिया ने संकेत दिए हैं कि गैटविक के लिए उड़ानों की बहाली स्थिति की समीक्षा के बाद की जाएगी। अभी के लिए यात्रियों को हीथ्रो के विकल्प के साथ यात्रा करनी होगी।
एयर इंडिया की यह पहल सुरक्षा को सर्वोपरि मानने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यात्रियों को थोड़ी असुविधा जरूर होगी, लेकिन यह फैसला भविष्य में सुरक्षित हवाई यात्रा सुनिश्चित करेगा।





