26/11 केस के हीरो को मिला राज्यसभा का तोहफा
देश के चर्चित वकील उज्ज्वल निकम को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और संविधान के प्रति उनकी निष्ठा का सम्मान है। लेकिन इस घोषणा से भी अधिक चर्चा का विषय रही वह फोन कॉल, जो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निकम को किया। इसमें क्या बात हुई? किस भाषा में बातचीत हुई? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
पीएम मोदी का फोन और मराठी में हुई बातचीत
जब पीएम मोदी ने उज्ज्वल निकम को फोन किया, तो पहली ही बात थी:
“हिंदी में बात करेंगे या मराठी?”
इस पर दोनों जोर से हंस पड़े।
इसके बाद पीएम मोदी ने मराठी भाषा में उनसे कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह निर्णय निकम की कानूनी सेवाओं और संविधान के प्रति योगदान को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
निकम ने बिना कोई देरी किए “हां” कह दिया और इस फैसले के लिए राष्ट्रपति, पीएम मोदी और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया।
उज्ज्वल निकम: वो नाम जो न्याय का प्रतीक बना
हाई प्रोफाइल केस जिनमें निकम ने निभाई अहम भूमिका:
- 26/11 मुंबई आतंकी हमला: अजमल कसाब को फांसी दिलवाने में अग्रणी भूमिका
- 1993 मुंबई ब्लास्ट केस
- गुलशन कुमार हत्याकांड
- प्रमोद महाजन मर्डर केस
उनकी साफ़ साख और प्रभावशाली पैरवी ने उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ सरकारी वकीलों में शुमार कर दिया है। उन्हें 2016 में पद्म श्री से भी नवाज़ा गया।
चुनाव हारे, पर भरोसा जीता
2024 लोकसभा चुनाव में उज्ज्वल निकम को बीजेपी ने मुंबई उत्तर मध्य सीट से उतारा था। हालांकि, उन्हें कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ के हाथों हार मिली। लेकिन पीएम मोदी ने उस समय भी उन पर भरोसा जताया था, जो अब राज्यसभा नामांकन के रूप में सामने आया।
पीएम मोदी का एक्स पोस्ट: “संविधान के सच्चे सेवक”
पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स (Twitter) पर उज्ज्वल निकम की तारीफ करते हुए लिखा:
“निकम न केवल एक सफल वकील हैं, बल्कि उन्होंने हमेशा संविधानिक मूल्यों को मजबूत करने और आम जनता को न्याय दिलाने के लिए काम किया है। राज्यसभा में उनका योगदान मूल्यवान रहेगा।”
Shri Ujjwal Nikam’s devotion to the legal field and to our Constitution is exemplary. He has not only been a successful lawyer but also been at the forefront of seeking justice in important cases. During his entire legal career, he has always worked to strengthen Constitutional…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2025
बाकी किन लोगों को मिला नामांकन?
राष्ट्रपति ने चार प्रमुख व्यक्तित्वों को राज्यसभा के लिए नामित किया:
- हर्षवर्धन श्रृंगला – पूर्व विदेश सचिव
- सी सदानंदन मास्टर – शिक्षाविद्
- मीनाक्षी जैन – इतिहासकार
- उज्ज्वल निकम – वरिष्ठ वकील
निष्कर्ष: कानून से संसद तक उज्ज्वल निकम की यात्रा
उज्ज्वल निकम की राज्यसभा में एंट्री सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि एक संस्थागत सम्मान है। कानूनी दुनिया से लेकर राजनीति के गलियारों तक उनकी यह यात्रा आने वाले समय में संविधान, कानून और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।





