उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले के किरावली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को एक अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर छापा मारा। इस कार्रवाई में झोलाछाप डॉक्टर अतर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, जो बिना किसी मेडिकल डिग्री के गर्भवती महिला और अन्य मरीजों का इलाज कर रहा था।
नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र लवानिया के नेतृत्व में की गई छापेमारी में क्लीनिक से भारी मात्रा में दवाएं, इंजेक्शन, ड्रिप लगाने की व्यवस्था और सर्जरी के उपकरण भी बरामद किए गए।
महिला की शिकायत से खुला मामला
- गोपऊ गांव की एक महिला ने स्वास्थ्य विभाग को शिकायत दी थी कि नगला खुशियाली स्थित इस क्लीनिक में इलाज कराने से उसकी तबीयत बिगड़ गई।
- इस पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने छापा मारा और मौके पर दो महिलाएं इलाजरत पाई गईं — एक गर्भवती और दूसरी वायरल फीवर से पीड़ित।
न डिग्री, न लाइसेंस
- संचालक अतर सिंह के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी।
- उसके पास मेडिकल स्टोर चलाने का लाइसेंस भी नहीं था।
- पूछताछ में वह दवाइयों और इंजेक्शन के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका।
क्या-क्या मिला छापे में
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक में कई खतरनाक चीजें पाईं:
- IV फ्लूड की बोतलें
- दो बेंच, जिन पर ड्रिप चढ़ाई जाती थी
- कई तरह की दवाएं
- माइनर सर्जरी के उपकरण
- बिना अनुमति चल रहा मेडिकल स्टोर
औषधि विभाग को भी सूचना दी गई है और मेडिकल स्टोर पर ताला लगा दिया गया है।
केस दर्ज, पुलिस को सौंपा गया आरोपी
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना किरावली में अतर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है, और क्लीनिक को सील कर दिया गया है।
यह घटना झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से आम जनता की सेहत पर मंडराते खतरे की एक और गंभीर मिसाल है। स्वास्थ्य विभाग की यह त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है और समाज को सतर्क रहने की ज़रूरत है कि किसी भी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज न कराएं।





