रिपोर्टर: प्रांशु क्षत्रिय
बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम करमा स्थित सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित नशा विरोधी जागरूकता अभियान में प्रमुख अतिथि, एसपी रजनेश सिंह, ने स्पष्ट रूप से कहा, “नशा हर हिंसा और अपराध की जड़ है; इसे खत्म करने में समाज के हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।” उन्होंने आगे बताया कि अब तक जिले में करीब ₹7 करोड़ की संपत्ति नशे के अवैध कारोबारियों से जब्त की जा चुकी है, जबकि नशा सप्लायर्स पर सख्त कार्रवाई जारी है।
इस अवसर पर एएसपी रामगोपाल करियारे ने भी अपने विचार साझा किए: उन्होंने नशे के शरीर और मस्तिष्क पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में नशे का बढ़ता योगदान में अपनी चिंता व्यक्त की।
“पायल—एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन” की अध्यक्ष पायल लॉट ने छात्रों को सही जीवन पथ पर गाइड करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि गांवों में “चेतना मित्र” नाम से युवा स्वयंसेवकों की एक टीम तैयार की गई है, जो नशा विरोधी संदेश गाँव-गाँव तक पहुंचाएगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा:
- छात्रों द्वारा प्रस्तुत नशा विरोधी नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जिन्होंने दर्शकों को जागरूक किया।
- वृक्षारोपण और शैक्षिक सामग्री का वितरण।
- ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों को सुरक्षित ड्राइविंग हेतु हेलमेट भी प्रदान किए गए।
एसपी रजनेश सिंह ने विशेष रूप से थाना प्रभारी गोपाल सतपथी की सक्रिय भूमिका की सराहना की और ग्रामीणों से आग्रह किया कि जे सी हिसाब से वे किसी नशा या अपराध संबंधी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कम्युनिटी और छात्र-छात्राओं की मजबूत उपस्थिति ने इस अभियान को जन आंदोलन की दिशा दी, जहां पुलिस, छात्र और समाज एक साथ जुड़े हैं।





