कांकेर (छत्तीसगढ़) – जिले के ग्राम मुसुरपुट्टा में धर्म परिवर्तित अंजोर साहू पर अपने पूर्वजों की समाधि व मठों को मिट्टी में दबा देने का सनसनीखेज आरोप लगा है। यह घटना दुधावा पुलिस चौकी के अंतर्गत स्थित बाहपानी क्षेत्र में घटी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने कल चौकी का घेराव कर आरोपी की गिरफ्तारी व कड़ी कार्रवाई की मांग की।
आरोप विवरण
ग्रामीणों का कहना है कि अंजोर साहू, जो हाल ही में ईसाई धर्म अपनाए हैं, ने बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए, गांव में स्थित पूर्वजो की समाधियों और परंपरागत मठों को मिट्टी से भरवा दिया, जिससे उन धार्मिक स्थलों का अस्तित्व ही गायब हो गया।
धार्मिक भावना पर चोट
लखिल यादव नामक ग्रामीण ने बताया,
“हम माता-पिता और दादा-दादी का सम्मान उनके लिए बनाए समाधान मठों में करते हैं। उन्होंने देवतुल्य समझकर पूजा–अर्चना की है, और धर्मांतरित व्यक्ति द्वारा मिट्टी में दबाने से हमारी धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।”
ग्रामीणों की मांग
- ग्रामीणों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
- साथ ही CBI जांच की भी मांग की जा रही है, ताकि किसी भी बाहरी साजिश या मिलीभगत की वस्तुनिष्ठ जांच हो सके।
- यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दे दी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अभी तक दुधावा पुलिस की ओर से प्रारंभिक अप्रूच की गई है और आंतरिक रूप से मामले की जांच जारी है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रसंग और व्यापक चिंताएँ
- बस्तर क्षेत्र, जो पंचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, वहां आदिवासी परंपरा में अपने पूर्वजों की समाधियों और मठों का गहन धार्मिक अर्थ होता है।
- ऐसे मामलों में धार्मिक भावनाओं की हरकत और भूमि सम्मानों का अनुपालन सामाजिक सौहार्द्य के लिए अति आवश्यक माना जाता है।
- धर्म परिवर्तन और उसके बाद धार्मिक स्थलों के विनाश की घटनाएँ संवेदनशील मुद्दा बनती हैं, जो सामुदायिक तनाव को जन्म दे सकती हैं।





