BY: Yoganand Shrivastva
वाराणसी, उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कैंट थाना क्षेत्र के प्रताप नगर कॉलोनी में मंगलवार को संपत्ति विवाद के चलते एक युवक ने अपने ही पिता और बहन की नृशंस हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
जमीन को लेकर था विवाद, बेटे ने खोया आपा
जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम राजेश कुमार है। वह अपने पिता रूप चंद्र भारद्वाज (78) और बहन शिवकुमारी (50) के साथ उसी मकान में रहता था। पुलिस के मुताबिक, रूप चंद्र एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी थे। उन्होंने वर्षों की कमाई से जो संपत्ति बनाई थी, उसे अपनी बेटी शिवकुमारी के नाम कर दिया। यही बात बेटे राजेश को नागवार गुज़री।
मंगलवार को इसी बात को लेकर घर में गंभीर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि राजेश ने आपा खो दिया और अपने पिता और बहन पर लोहे की रॉड और ईंटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत
शोर-शराबा सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और राजेश कुमार तथा उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस जांच में जुटी, संपत्ति की भूमिका प्रमुख
प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि संपत्ति के हस्तांतरण को लेकर परिवार में पहले से तनाव चल रहा था। राजेश को यह मंजूर नहीं था कि पिता ने सारी जमीन-जायदाद बहन के नाम कर दी। इसी बात को लेकर मनमुटाव अक्सर झगड़े में बदलता रहता था, लेकिन मंगलवार को यह झगड़ा जानलेवा रूप में सामने आया।
पड़ोसी भी रह गए स्तब्ध, आरोपी का नहीं था आपराधिक रिकॉर्ड
इलाके के लोगों का कहना है कि राजेश का परिवार आमतौर पर शांत रहता था और इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी। राजेश का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन संपत्ति को लेकर चल रही नाराज़गी धीरे-धीरे घातक मानसिकता में बदल गई।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच जारी है, और घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए गए हैं। पूछताछ के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कानूनी धाराओं में केस दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।
निष्कर्ष: एक लालच, दो लाशें
इस घटना ने एक बार फिर ये दिखा दिया कि जमीन और जायदाद का विवाद इंसान को हैवान बना सकता है। जब अपनों के बीच ही भरोसे की दीवार गिर जाती है, तब घर भी खूनी मैदान बन जाता है।





