बिजनौर में कर्ज से टूट गया परिवार: सामूहिक ज़हरख़ोरी में मां-बेटी की मौत, पिता और छोटी बेटी की हालत गंभीर

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BY: Yoganand Shrivastva


बिजनौर, उत्तर प्रदेश: एक कर्ज ने पूरे परिवार की जिंदगी लील ली। यूपी के बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के टेंडरा गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान एक परिवार ने सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। इस दर्दनाक फैसले में मां और बड़ी बेटी की मौत हो गई, जबकि पिता और छोटी बेटी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

क्या है मामला?

घटना बुधवार रात की है। 46 वर्षीय पुखराज, उसकी पत्नी रमेशिया (41), बड़ी बेटी अनीता (19) और छोटी बेटी सुनीता (17) — चारों ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इनमें से रमेशिया और अनीता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुखराज और सुनीता को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है।

कर्ज बना काल

पुखराज ने एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से 6 लाख रुपये का कर्ज लिया था। कंपनी के एजेंट लगातार घर आकर दबाव बना रहे थे और मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे। इसी तनाव के चलते परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुखराज गांव में घोड़ा-बग्गी चलाता था और कभी-कभी ईंट भट्ठों पर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था।

मदद नहीं, मिली देरी

ग्रामीणों ने बताया कि घटना की सूचना देने के बावजूद एम्बुलेंस काफी देर से पहुंची, जिसके कारण स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा सहित आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।

क्या बोले परिजन?

घटना के वक्त पुखराज की सबसे बड़ी बेटी पूनम (22) अपने ससुराल ताजपुर में थी, जबकि बेटा सचिन (25) मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ था। घर लौटने के बाद उन्होंने मां और बहन की लाशें देखीं और पिता-बहन की हालत देखकर सदमे में आ गए। पूरे गांव में मातम पसरा है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि मामला कर्ज और देनदारों की प्रताड़ना से जुड़ा हुआ है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि कर्ज देने वाली कंपनी और उसके एजेंटों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।


इस घटना से जुड़े बड़े सवाल:

  • क्या ग्रामीणों को पर्याप्त वित्तीय सलाह या राहत नहीं मिल रही?
  • क्या माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मॉनिटरिंग पर्याप्त है?
  • क्या आत्महत्या से पहले परिवार को कोई मदद मिली?

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