रायपुर, 26 जून 2025 — छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक विशेष समारोह में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने को सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) में आयोजित किया जाएगा, जिसमें आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा।
सच्चिदानंद उपासने ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसे लोकतंत्र की हत्या के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उस समय के अत्याचारों को न भूलें।
उपासने ने बताया कि इस अवसर पर महाविद्यालयों में निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आपातकाल के प्रभाव और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों पर प्रकाश डाला जाएगा। प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और तपस्या कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को दी जाने वाली सम्मान निधि को पुनः शुरू कर दिया है और पिछले पांच वर्षों की रोकी गई राशि को एकमुश्त प्रदान किया गया है। rnsindia.co.in+10dprcg.gov.in+10vartha24.com+10
इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, विधायक पुन्नूलाल मोहले, धरमलाल कौशिक, मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी और रामप्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आपातकाल के संबंध में एक पुस्तिका भी प्रकाशित की जाएगी, जिसमें उस समय के संघर्षों और घटनाओं का वर्णन होगा।
सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि उन सभी सेनानियों के लिए है जिन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि यह समारोह उन सभी के संघर्षों को याद करने और नई पीढ़ी को जागरूक करने का एक माध्यम है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार और लोकतंत्र सेनानी संघ उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे जिन्होंने देश में लोकतंत्र की स्थापना और रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।





