अब AC का तापमान मनमर्जी से नहीं बदल सकेंगे! सरकार लाने जा रही है नया नियम, जानिए डिटेल

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BY: Yoganand Shrivastva

देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब एयर कंडीशनर (AC) को लेकर केंद्र सरकार एक नया नियम लाने जा रही है। इस नियम के लागू होने के बाद एसी का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम और 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं किया जा सकेगा। चाहे वह घर हो, ऑफिस हो या आपकी कार—हर जगह ये सीमा लागू होगी।

यह जानकारी मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना है कि एसी के तापमान को अब मानकीकृत किया जाए ताकि सभी जगहों पर समान मानकों का पालन हो।

नया नियम क्यों जरूरी है?

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य है ऊर्जा की बचत, बिजली की अधिक खपत को कम करना और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना। विशेषज्ञों का कहना है कि एसी को जितना कम तापमान पर चलाया जाता है, उतनी अधिक बिजली खर्च होती है और इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी बढ़ता है।

नया नियम लागू होने से भारत की जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को बल मिलेगा और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

अन्य देशों में क्या है व्यवस्था?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खट्टर ने बताया कि कई देशों में पहले से ही ऐसी सीमाएं तय हैं:

  • जापान: यहां एसी का तापमान औसतन 26 डिग्री पर सीमित है।
  • इटली: यहां यह सीमा 23 डिग्री के आसपास तय की गई है।

भारत भी अब ऐसी ही व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है ताकि ग्लोबल बेंचमार्क्स के अनुरूप ऊर्जा खपत को नियंत्रित किया जा सके।

फिलहाल एसी कितने डिग्री तक जाता है?

इस समय बाज़ार में मिलने वाले अधिकांश एसी को आप न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस तक सेट कर सकते हैं। लेकिन सरकार का यह प्रस्ताव लागू होने के बाद, कंपनियों को अपने नए एसी मॉडल्स में 20 डिग्री से नीचे की कूलिंग हटा देनी होगी। इसी तरह, हीटिंग मोड में तापमान 28 डिग्री से ऊपर नहीं बढ़ाया जा सकेगा।

किन जगहों पर होगा लागू?

  • घरों में
  • कार्यालयों में
  • वाहनों में लगे एसी पर

सरकार का यह प्रस्ताव आने वाले समय में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, जिससे बिजली की खपत में कटौती की जा सके और अधिक टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।

  • सरकार जल्द ही AC टेम्परेचर लिमिट का नियम लागू करने जा रही है।
  • अब एसी को 20°C से कम या 28°C से ज्यादा पर नहीं चलाया जा सकेगा।
  • यह नियम सभी घरों, ऑफिसों और गाड़ियों में लागू होगा।
  • उद्देश्य: बिजली की खपत कम करना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना।