जब भगवान जगन्नाथ ने लिया 14 दिन का मेडिकल लीव: रथयात्रा 2025 की पूरी कहानी

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
धनसार स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर

धनबाद के धनसार स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा महोत्सव 2025 का शुभारंभ 11 जून को स्नान पूर्णिमा के दिन भव्य रूप से किया गया। परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा की रथयात्रा से पहले उन्हें 108 घड़ों के शीतल जल से स्नान कराया गया।

यह आयोजन पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर की परंपरा पर आधारित है और इसमें भारी संख्या में भक्तगण दर्शन लाभ लेने पहुंचे।


🛕 108 घड़ों का स्नान: एक दिव्य परंपरा

  • भगवान जगन्नाथ को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाकर विशेष स्नान समारोह में शामिल किया गया।
  • 108 घड़ों में पवित्र और ठंडे जल से भगवान का अभिषेक किया गया।
  • यह स्नान ‘स्नान पूर्णिमा’ के दिन आयोजित होता है, जो हिन्दू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को आता है।

🤒 भगवान का बीमार होना और एकांतवास की परंपरा

भक्तों की आस्था के अनुसार:

“108 घड़ों के जल से स्नान के बाद भगवान ‘बीमार’ हो जाते हैं।”

  • भगवान को 14 दिनों के लिए एकांतवास (अनवसर गृह) में रखा जाता है।
  • इस दौरान उन्हें औषधियों से युक्त आहार और उपचार दिया जाता है।
  • यह काल ‘अनासर काल’ कहलाता है, जब भगवान के दर्शन आम लोगों के लिए वर्जित रहते हैं।

👁️‍🗨️ 15वें दिन होता है ‘नेत्र उत्सव’

  • 14 दिनों की सेवा के बाद, 15वें दिन भगवान जगन्नाथ के नेत्रों की विशेष पूजा की जाती है।
  • इसे ‘नेत्र उत्सव’ कहते हैं, जिसमें भगवान के नेत्रों का नव निर्माण और अनुष्ठानिक श्रृंगार किया जाता है।
  • इसके अगले ही दिन से रथयात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुंचती हैं।

🚩 धनबाद में रथयात्रा की भव्य रचना

  • इस भव्य आयोजन की अगली कड़ी में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलराम जी की रथयात्रा निकाली जाती है।
  • धनसार की जगन्नाथ मंदिर कमेटी इस पूरे आयोजन को परंपरागत तरीके से संचालित करती है।

🪔 वृंदावन कॉलोनी में विशेष आयोजन

  • वृंदावन गार्डेन, जो आठ लेन सड़क के पास स्थित है, वहां भी श्री जगन्नाथ स्नान यात्रा महोत्सव आयोजित किया गया।
  • इस्कॉन कुसुम विहार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में:
    • संध्या 5 बजे से महाभिषेक शुरू हुआ।
    • भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ।
    • इसके बाद भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

also read: कबीर की 5 बातें जो आपको WhatsApp Status में ज़रूर लगानी चाहिए


🙏 क्यों महत्वपूर्ण है स्नान पूर्णिमा?

  • यह दिन रथयात्रा की शुरुआत का प्रतीक होता है।
  • स्नान पूर्णिमा से ही रथ निर्माण का कार्य शुरू हो जाता है।
  • यह दिन भगवान जगन्नाथ के मानव रूप को दर्शाने वाला पर्व माना जाता है।

निष्कर्ष

धनबाद में जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। 108 घड़ों का स्नान, एकांतवास और नेत्र उत्सव जैसे आयोजन इसे और भी विशेष बनाते हैं। इस बार भी श्रद्धालु इस दिव्य यात्रा का हिस्सा बनकर सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।

- Advertisement -
Ad imageAd image

Rajya Sabha: सिंधी समाज की पुकार, हमें भी दो टिकट

Rajya Sabha: रीवा से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता दिलीप थारवानी एडवोकेट ने

Rajya Sabha: सिंधी समाज की पुकार, हमें भी दो टिकट

Rajya Sabha: रीवा से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता दिलीप थारवानी एडवोकेट ने

Fatehabad: फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल 10वें दिन जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Report by: Sunil Kumar Fatehabad: हरियाणा के फतेहाबाद में फायर ब्रिगेड कर्मचारियों

GoldSilverPriceToday : सोने-चांदी में हल्की तेजी, जानें अपने शहर के ताजा रेट

GoldSilverPriceToday नई दिल्ली: शुक्रवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में मामूली

Prakash Raj ने ‘रामायण’ पर दिया विवादित बयान, वीडियो वायरल, शिकायत दर्ज

Prakash Raj: अपने बेबाक और अक्सर विवादों में रहने वाले बयानों के

Israel Lebanon के बीच 10 दिन का सीजफायर, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

Israel Lebanon: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

Pakistan Factory Explosion: खैबर पख्तूनख्वा में गैस पाइपलाइन में हुआ विस्फोट, 8 लोगों की मौत, कई झुलसे

Pakistan Factory Explosion: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हरिपुर जिले में

CG: Top 10

CG: जानें प्रदेश की 10 बड़ी खबरें 1. पावर प्लांट हादसा, अनिल

MP: Top 10

MP: जानें प्रदेश की 10 बड़ी खबरें.. 1. 20 जिलों में लू

Horoscope: जानें आज का राशिफल

Horoscope: शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने