अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने हाल ही में जम्मू के सुचेतगढ़ सीमा क्षेत्र में एक विशेष पर्यटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसका आयोजन जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने मिलकर किया था। इस कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की सेनाओं और सीमा सुरक्षा बल की बहादुरी और योगदान को सम्मानित किया गया, जिसने भारत-पाक सीमा पर आतंकवाद और गोलाबारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू किया गया था, जो पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद एक कड़ी जवाबी कार्रवाई थी। इस हमले में 26 लोग, ज्यादातर पर्यटक, शहीद हुए थे। इस ऑपरेशन में सीमा के पार आतंकवादी ठिकानों पर सटीक निशाना साधा गया, जिससे भारत की सीमा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता का परिचय मिला।
हुमा कुरैशी ने भारतीय सेना और BSF की सराहना की
सुचेतगढ़ के ऑक्टरोई पोस्ट पर आयोजित कार्यक्रम में, जो अपने ‘वाघा-स्टाइल’ समारोह के लिए जाना जाता है, हुमा ने सैनिकों, खासकर महिला जवानों, के साहस और समर्पण की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
- “हमारे जवान बिना किसी भय के हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।”
- उन्होंने सीमा पर डटे जवानों के साथ संवाद किया और उनकी संघर्ष की कहानी को जाना।
- हुमा ने कहा कि वह जिस धरती पर खड़ी थीं, वह बहादुरी और बलिदान की मिसाल है।
सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संगीत और समारोही समारोह
ऑक्टरोई पोस्ट पर आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह हाल ही में पुनः शुरू किया गया है, जो सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने और देशभक्ति के जज्बे को जगाने के लिए एक खास कार्यक्रम है। यह समारोह अक्टूबर 2021 से जम्मू क्षेत्र में सप्ताहांत पर आयोजित होता रहा है।
हुमा की भावुक अपील: जम्मू-कश्मीर आएं, इसका सौंदर्य देखें
जम्मू-कश्मीर से जुड़ी अपनी पारिवारिक जड़ों का ज़िक्र करते हुए, हुमा ने पर्यटकों से कहा:
- “डर को अपनी पहचान न बनने दें।”
- “जम्मू-कश्मीर की हर जगह जैसे माता वैष्णो देवी, शिव खोरी, पतनी टॉप और भदरवाह अपनी आस्था और खूबसूरती की कहानी कहती हैं।”
- “यहां आकर देखिए कि यह क्षेत्र शांति, प्रेम और एकता की मिसाल है।”
सीमा संघर्ष और शांति समझौता
पाकिस्तान की तरफ से भारत के सैन्य ठिकानों पर गोलाबारी के जवाब में भारत ने भी सटीक कार्रवाई की। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने स्थायी रूप से सभी प्रकार की फायरिंग और सैन्य गतिविधियों को रोकने का समझौता किया।
सीमा पर प्रभावित नागरिकों से मुलाकात
हुमा ने सीमा के गांवों में पाकिस्तान की ओर से हुए मोर्टार और आर्टिलरी फायरिंग से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और उनके साहस की प्रशंसा की।
मुख्य बातें
- ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का परिचय दिया।
- बीएसएफ और भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर की सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- बीटिंग रिट्रीट समारोह सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने का अच्छा जरिया है।
- जम्मू-कश्मीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।
- हुमा कुरैशी जैसी हस्तियां क्षेत्र की शांति और पर्यटन को आगे बढ़ा रही हैं।
अब क्यों जाएं जम्मू-कश्मीर?
सीमा पर स्थिरता के साथ-साथ सरकार द्वारा सीमा पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रमों के कारण, यह समय जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव करने का उपयुक्त मौका है।
निष्कर्ष
हुमा कुरैशी का यह दौरा भारतीय सैनिकों के बलिदान और जम्मू-कश्मीर के लोगों की मजबूती की याद दिलाता है। उनकी दिल से आई अपील हमें संघर्षों से ऊपर उठकर इस खूबसूरत क्षेत्र की सच्ची शांति और सौहार्द को देखने के लिए प्रेरित करती है।





