संवाददाता: प्रयास कैवर्त
“काम करो या सस्पेंड हो जाओ”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य ग्राम चुकतीपानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हेलीकॉप्टर अचानक गांव के समीप उतर गया। सुशासन तिहार के तहत यह दौरा पूरी तरह से अनौपचारिक था, और मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की।
जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरा, गांव में भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीण हैरान थे कि प्रदेश के मुखिया अचानक उनके गांव में कैसे आ गए। मुख्यमंत्री ने गांववासियों से पूछा, “सरकार कैसा काम कर रही है, सब ठीक है ना? सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, कोई परेशानी हो तो बताइए।”
मुख्यमंत्री का गांव में बैगा समुदाय के लोगों ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। ग्राम प्रमुख ने उन्हें गुलमोहर की माला पहनाई और ग्रामीण रैता बैगा ने तेंदू फल से भरी टोकरी भेंट कर उनका आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने गांव का निरीक्षण करते हुए पीएचई विभाग की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने गांव की पानी टंकी से ओवरफ्लो हो रहे पानी को देखकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। सब इंजीनियर को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “काम करो या फिर सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना है, और इसी क्रम में चुकतीपानी गांव में 179 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।
महिलाओं ने “महतारी वंदन योजना” से मिली सहायता का लाभ बताते हुए कहा कि उन्होंने स्व-सहायता समूह बनाकर घरेलू खाद से सब्जियां उगाई हैं, जिन्हें नजदीकी मंडियों में बेचकर वे आय अर्जित कर रही हैं। स्थानीय महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट में उगाई गई लाल भाजी मुख्यमंत्री को भेंट की।
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने चुकतीपानी मिडल स्कूल की मरम्मत और स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में उन्नयन की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा जहां प्रशासनिक महकमे को चेतावनी भरा संदेश था, वहीं ग्रामीणों के लिए यह भरोसे का संकेत था कि सरकार उनकी आवाज सुन रही है।





