BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुँच गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान में बन रही विशेष मौसमी परिस्थितियाँ इसका मुख्य कारण हैं, जिससे दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का स्तर तेज़ी से बढ़ रहा है।
राजस्थान की मौसमी हलचल ने बढ़ाई दिल्ली की मुश्किलें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। कहीं तापमान बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है तो कहीं एकदम गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके चलते वहां एक प्रेशर ग्रिड तैयार हो गया है, जिसके कारण धूलभरी हवाएं राजस्थान से होती हुई पंजाब, हरियाणा के रास्ते दिल्ली-एनसीआर तक पहुँच रही हैं।
उनके मुताबिक, आने वाले 2-3 दिनों तक राजस्थान में ऐसी मौसमी गतिविधियाँ बनी रह सकती हैं, और दिल्ली में अगले 1-2 दिन तक धूल से भरी हवाएं जारी रह सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई का हाल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा शुक्रवार सुबह साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 305 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक है।
दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों में AQI स्तर:
- मुंडका: 419
- वजीरपुर: 422
- अलीपुर: 352
- आनंद विहार: 362
- अशोक विहार और आयानगर: 328
- मथुरा रोड: 344
- द्वारका सेक्टर 8: 388
- दिलशाद गार्डन: 334
- नरेला और पंजाबी बाग: 311
- जहांगीरपुरी: 353
- ओखला: 322
- पटपड़गंज: 321
- रोहिणी: 338
- सोनिया विहार: 302
- विवेक विहार: 324
- बवाना: 289
- ITO: 218
- जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम: 260
- नजफगढ़: 271
एनसीआर के प्रमुख शहरों में AQI:
- गुरुग्राम: 294
- फरीदाबाद: 288
- गाजियाबाद: 283
- नोएडा: 289
- ग्रेटर नोएडा: 256
आगे क्या?
जानकारों का मानना है कि जब तक राजस्थान में मौसमी अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक दिल्ली और एनसीआर को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों में बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें और ज़रूरत पड़ने पर घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।





