BY: Yoganand Shrivastva
भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज अब वैश्विक मीडिया में भी सुनाई देने लगी है। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे भारत की अब तक की सबसे साहसी और सटीक स्ट्राइक बताया है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने यह जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तान के भीतर घुसकर कई अहम ठिकानों को तबाह किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर: क्या था मिशन?
- तारीख: 6-7 मई 2025 की रात
- कारण: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में सुरक्षाबलों की शहादत
- कार्रवाई: भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के 160 किमी अंदर तक घुसकर आतंकवादी शिविरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया
- परिणाम: 100 से अधिक आतंकियों की मौत, 6 से ज्यादा एयरबेस को भारी नुकसान
वॉशिंगटन पोस्ट का खुलासा: सैटेलाइट से मिले सबूत
वॉशिंगटन पोस्ट ने इस ऑपरेशन पर विस्तृत सैटेलाइट विश्लेषण जारी किया है, जिसमें भारत की कार्रवाई से हुई तबाही के दृश्य देखे जा सकते हैं:
- 3 हैंगर, 2 रनवे, और 2 मोबाइल कमांड बिल्डिंग्स को गंभीर क्षति
- रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर दो मोबाइल कंट्रोल सेंटर ध्वस्त
- भोलारी एयरबेस पर 60 फीट चौड़ा छेद, जहां करोड़ों डॉलर के Saab 2000 AEW&C विमान रखे जाते थे
- शाहबाज एयरबेस में 100 फीट से बड़ा छेद और कंट्रोल टावर को भी क्षति
- सुक्कुर एयरबेस की रडार साइट नष्ट, जो नागरिक और सैन्य दोनों कामों में उपयोग होती थी
पाकिस्तान की पुष्टि और चुप्पी
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन प्रभावित ठिकानों की संख्या का खुलासा नहीं किया। वहीं डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रॉयल लाउंज भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की राय
- वाल्टर लैडविग (किंग्स कॉलेज, लंदन): “1971 के युद्ध के बाद यह सबसे बड़ी कार्रवाई है जिसमें पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचा।”
- क्रिस्टोफर क्लेरी (अल्बानी विश्वविद्यालय): “सैटेलाइट सबूत बताते हैं कि भारत ने उच्च-स्तरीय रणनीतिक ठिकानों को बड़ी कुशलता से निशाना बनाया।”
- विलियम गुडहिंड (भू-स्थानिक विश्लेषक): “यह हमला पाकिस्तान की हवाई क्षमता को कमजोर करने के लिए बेहद सटीक और रणनीतिक था।”
ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव
- पाकिस्तान की सामरिक संरचनाओं को भारी क्षति
- आतंकी नेटवर्क को करारा झटका
- भारत की सैन्य शक्ति और जवाबी नीति का वैश्विक स्तर पर प्रभावी प्रदर्शन
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की छवि एक निर्णायक और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभरी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक आत्मरक्षा की एक नई मिसाल है। यह साफ संकेत है कि भारत अब आतंकी हमलों को केवल सहन नहीं करेगा, बल्कि उनका सटीक और करारा जवाब भी देगा। वॉशिंगटन पोस्ट जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मीडिया संस्थान की पुष्टि ने इस ऑपरेशन की प्रामाणिकता को और मजबूत किया है।





