BY: Yoganand Shrivastva
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के युवक बादल बाबू की प्रेम कहानी सोशल मीडिया से पाकिस्तान तक पहुंची। बादल ने मंडी बहाउद्दीन की युवती सना रानी से प्यार किया और मिलने के लिए बिना दस्तावेज़ पाकिस्तान चला गया। लेकिन यहां उसकी मुराद पूरी होने की बजाय उसे पाकिस्तानी जेल में बंद कर दिया गया।
बादल को एक साल की जेल की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना मिला। फिलहाल वह पाकिस्तान की जेल में है और उसके परिवार में चिंता का माहौल है। इस मुश्किल घड़ी में एक पाकिस्तानी वकील उसकी मदद कर रहा है, वो भी बिना किसी फीस के।
बादल बाबू का संघर्ष: सोशल मीडिया से पाकिस्तान तक
- बादल बाबू, अलीगढ़ के नंगला खिटकारी गाँव के रहने वाले, सोशल मीडिया पर सना से जुड़े।
- परिवार को बिना बताए बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचा।
- पाकिस्तान पुलिस ने 27 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया।
- चार महीने से ज्यादा समय से जेल में बंद।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर पाकिस्तान के वकील फियाज रामे ने बिना फीस केस लड़ने का फैसला किया।
पाकिस्तानी वकील फियाज रामे की मानवीय पहल
फियाज रामे ने बादल के परिवार से संपर्क कर केस की पैरवी शुरू की। उन्होंने बताया:
- बादल को मिली सजा के खिलाफ अपील की जाएगी।
- सजा कम कराने का प्रयास जारी है।
- जल्द ही बादल को भारत वापस लाने की कोशिश की जाएगी।
परिवार ने फियाज रामे का दिल से शुक्रिया अदा किया है, जिन्होंने बिना पैसे लिए उनके बेटे के लिए लड़ाई जारी रखी है।
अदालत में बादल और सना का आमना-सामना
- 17 अप्रैल को सुनवाई के दौरान सना रानी को भी पेश किया गया।
- दोनों ने एक-दूसरे को देखा, लेकिन बातचीत नहीं हुई।
- पुलिस की जांच में पाया गया कि बादल जासूस नहीं है।
- सजा का कारण केवल अवैध रूप से सीमा पार करना था।





