BY: Yoganand Shrivastva
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा पाकिस्तान को 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की तत्काल वितरित राशि की मंजूरी दिए जाने पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहस शुरू हो गई है। भारत ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए चिंता जताई है कि कहीं यह सहायता आतंकवाद या भारत विरोधी गतिविधियों में उपयोग न हो जाए।
IMF ने क्यों दिया पाकिस्तान को फंड?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, IMF ने मौजूदा Extended Fund Facility (EFF) के अंतर्गत पाकिस्तान को लगभग 1 अरब डॉलर की सहायता को मंजूरी दी है। यह फंड सीधे पाकिस्तान के पास पहुंचने वाला है, जिससे कुल वितरण अब तक करीब 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
भारत की चिंता: क्या लोन का होगा गलत इस्तेमाल?
भारत की ओर से पहले ही IMF को यह आगाह किया गया था कि पाकिस्तान का इतिहास यह दिखाता है कि वह विदेशी सहायता का दुरुपयोग कर सकता है, विशेष रूप से आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए। भारत ने IMF बोर्ड की बैठक में अपना विरोध दर्ज कराया था और अंतिम मतदान में भाग नहीं लिया।
भारतीय वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा था:
“सीमा पार आतंकवाद को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से समर्थन देना न केवल वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह वित्तीय संस्थाओं की साख को भी कमजोर करता है।“
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: भारत की रणनीति को बताया विफल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने IMF की इस मंजूरी पर संतोष जताया और कहा कि यह भारत की “रणनीतिक विफलता” को दर्शाता है। उनका कहना था कि यह मदद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिरता की ओर ले जाने में सहायक होगी।
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि में उठते सवाल
भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा समय में तनाव चरम पर है। ऐसे में IMF की यह सहायता कई सवालों को जन्म देती है – क्या यह वैश्विक संस्थाएं संघर्षरत देशों को सहायता देने से पहले उनके रिकार्ड की जांच करती हैं? क्या यह फंड वास्तव में आर्थिक विकास के लिए जाएगा या फिर इसका उपयोग भारत के खिलाफ रणनीतिक रूप से किया जाएगा?
IMF से सबसे ज्यादा कर्ज किसने लिया है?
जहाँ पाकिस्तान को लेकर IMF की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं अर्जेंटीना ऐतिहासिक रूप से IMF का सबसे बड़ा कर्जदार रहा है। उसके ऊपर IMF का सबसे अधिक आउटस्टैंडिंग लोन है, जो वर्षों से चलते आ रहे वित्तीय संकट का परिणाम है।





