BY: Yoganand Shrivastva
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में चल रही झड़पों ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। लगातार तीन दिनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है। ऐसे हालातों में भारत सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसी फोर्स में भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान एमएस धोनी को लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्राप्त है, जिसके चलते अब उनकी सक्रियता की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं।
धोनी को मिल चुका है लेफ्टिनेंट कर्नल का सम्मान
महेंद्र सिंह धोनी, जिन्होंने भारत को तीन आईसीसी ट्रॉफी दिलाई और क्रिकेट के मैदान में कई ऐतिहासिक जीतें दिलाईं, अब एक सैन्य सम्मानित व्यक्ति भी हैं। भारतीय सेना ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि से नवाजा है। साथ ही, सचिन तेंदुलकर को भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन के रूप में सम्मानित किया गया है। यदि सीमा पर हालात और बिगड़ते हैं, तो धोनी जैसे गणमान्य टेरिटोरियल आर्मी अधिकारियों को भी सेवा के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
आईपीएल स्थगित, धोनी के पास अब समय
हाल ही में चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को भारत-पाकिस्तान तनाव को देखते हुए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में अधिकांश खिलाड़ी अपने घरों को लौट चुके हैं। एमएस धोनी, जो हाल तक आईपीएल में सक्रिय थे, अब खाली समय में देश की जरूरत के अनुसार टेरिटोरियल आर्मी की गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं।
क्या है टेरिटोरियल आर्मी?
टेरिटोरियल आर्मी, भारतीय सेना की एक सहायक इकाई है, जो सामान्य परिस्थितियों में नागरिक जीवन में रहते हुए भी जरूरत पड़ने पर देश सेवा के लिए तैयार रहती है। यह फोर्स युद्धकाल, आपदा या संकट के समय आंतरिक सुरक्षा, लॉजिस्टिक सपोर्ट, और सेना को अतिरिक्त बल देने का काम करती है। यह एक स्वैच्छिक बल है, जिसमें शामिल लोग अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ राष्ट्र की रक्षा में भी योगदान देते हैं।
अगले कदम पर सबकी नजर
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या भारत-पाक तनाव और गहराता है या फिर कूटनीतिक और सैन्य प्रयासों से हालात नियंत्रण में आ जाते हैं। लेकिन एक बात साफ है—देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं, जिसमें टेरिटोरियल आर्मी की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।





