BY: Yoganand Shrivastva
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में कुल 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कनाडा में छिपे खालिस्तानी आतंकी अर्श दल्ला से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में की गई है। इस दौरान एजेंसी ने बीते साल नीमराणा के होटल हाईवे किंग पर हुई गोलीबारी की साजिश की परतें खंगालीं।
होटल पर बरसाई गईं थीं 35 गोलियां
यह मामला 8 सितंबर 2024 का है, जब नीमराणा के एक प्रसिद्ध होटल परिसर में करीब 35 राउंड फायरिंग की गई थी। इस गोलीबारी का मकसद सिर्फ डर फैलाना नहीं था, बल्कि होटल मालिक और मैनेजर से जबरन वसूली करना भी था। हमले में शामिल बदमाशों की पहचान बांबिया गिरोह से हुई, जो अर्श दल्ला के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
धमकियों का सिलसिला और जबरन वसूली
NIA की जांच में सामने आया है कि होटल प्रबंधन को पहले भी अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे कॉल मिल चुके थे। हमलावरों ने प्रतिबंधित हथियारों का उपयोग करते हुए इस हमले को अंजाम दिया था। ये सारी वारदातें अर्श दल्ला और उसके भारत स्थित नेटवर्क के इशारों पर हो रही थीं।
डिजिटल सबूत और नेटवर्क का पर्दाफाश
दिसंबर 2024 में NIA ने इस केस की जांच अपने हाथ में ली थी। अब तक की छापेमारी में एजेंसी ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। ये सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत में बैठे संदिग्ध अर्श दल्ला और उसके साथी दिनेश गांधी के निर्देश पर खालिस्तानी संगठनों के लिए फंड जुटाने, धमकाने और हिंसा फैलाने में लगे हुए थे।
NIA की जांच जारी
यह कार्रवाई केस RC-01/2024/NIA/JPR के अंतर्गत की जा रही है, जिसका मकसद देश में सक्रिय आतंकवादी-गैंगस्टर गठजोड़ की पहचान कर उसे जड़ से खत्म करना है। NIA का कहना है कि ये संगठित गिरोह व्यापारियों और अन्य आम नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलने के इरादे से लगातार हिंसक गतिविधियां चला रहे हैं।
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