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दुनिया के विभिन्न देशों में बलात्कार के लिए क्या हैं सज़ाएं? जानिए भारत से लेकर अमेरिका और चीन तक के कड़े कानून

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BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली: दुनिया के कई देशों में महिलाओं और बच्चों के साथ यौन हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए हर देश ने अपने-अपने स्तर पर कड़े कानून बना रखे हैं। भारत सहित विभिन्न देशों में रेप के लिए दी जाने वाली सज़ा किस प्रकार की है, आइए जानते हैं।

भारत में बलात्कार के लिए सज़ा का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता (IPC) के अंतर्गत बलात्कार को गंभीर अपराध माना गया है। अगर कोई व्यक्ति रेप के मामले में दोषी पाया जाता है, तो उसे 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सज़ा सुनाई जा सकती है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

POCSO एक्ट 2012 के तहत यदि पीड़ित 18 साल से कम उम्र का है, तो सज़ा और अधिक कड़ी हो जाती है। ऐसे मामलों में 20 साल की जेल से लेकर उम्रकैद, और यदि पीड़िता की मृत्यु हो जाए तो फांसी की सजा तक का प्रावधान है।

दुनिया के अन्य देशों में बलात्कार की सजा

  • अमेरिका: राज्य विशेष के अनुसार कानून अलग-अलग हैं, लेकिन आमतौर पर रेप के मामलों में जुर्माना से लेकर उम्रकैद तक की सजा दी जाती है।
  • चीन: बलात्कार के दोषी को मृत्युदंड या कुछ मामलों में नपुंसक बनाने की सजा दी जाती है।
  • नीदरलैंड: यहां रेप के मामलों में 4 से 15 साल तक की कैद का प्रावधान है।
  • रूस: इस अपराध के लिए 30 साल तक की जेल की सजा दी जा सकती है।
  • इराक: कानून के मुताबिक दोषी को पत्थर मारकर मौत की सजा दी जाती है।
  • उत्तर कोरिया: बलात्कार के लिए गोली मारकर मौत की सजा दी जाती है।
  • पाकिस्तान: यहां कानून के अनुसार मृत्युदंड या उम्रकैद दी जा सकती है।
  • सऊदी अरब: रेप के मामलों में आमतौर पर सज़ा-ए-मौत दी जाती है।
  • स्विट्जरलैंड: यहां दोषी को 10 साल तक की कैद की सजा हो सकती है।
  • फ्रांस: सजा का दायरा 15 साल की जेल से लेकर उम्रकैद तक हो सकता है।
  • इजरायल: रेप के मामलों में 16 साल तक की जेल की सजा दी जाती है।
  • जापान: बलात्कार के दोषियों को 20 साल तक की जेल या गंभीर मामलों में मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है।

POCSO एक्ट: नाबालिगों के लिए विशेष सुरक्षा

भारत में 2012 में लागू हुआ पॉक्सो कानून (POCSO Act) नाबालिग बच्चों को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया था। यह कानून उन सभी मामलों पर लागू होता है, जहां पीड़ित की उम्र 18 साल से कम होती है। दोषी को इसमें 20 साल की सजा, उम्रकैद, और जुर्माना तक का प्रावधान है। कुछ गंभीर मामलों में फांसी की सजा भी दी जा सकती है।

बलात्कार एक घिनौना अपराध है, और विश्व भर की सरकारें इसे जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कानूनों का सहारा ले रही हैं। जहां कुछ देशों ने मृत्युदंड तक का प्रावधान रखा है, वहीं कुछ जगहों पर आजीवन कारावास भी दिया जाता है। कानून चाहे जैसे हों, जरूरत इस बात की है कि समाज में ऐसी मानसिकता को जड़ से खत्म किया जाए जो इस तरह के अपराधों को जन्म देती है।

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