पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई टेलीफोन वार्ता में भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
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राजनाथ-हेग्सेथ वार्ता के मुख्य बिंदु
- आतंकवाद की निंदा: अमेरिकी रक्षा मंत्री ने पहलगाम हमले की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
- भारत को अमेरिकी समर्थन: हेग्सेथ ने भारत के आतंकवाद विरोधी अभियान में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
- भारत का सख्त रुख: राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान द्वारा आतंकी गुटों को संरक्षण देने की प्रवृत्ति को उजागर किया और वैश्विक निंदा की मांग की।
एलओसी पर बढ़ते तनाव
यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर सातवीं रात लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है। कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टर में बिना उकसावे की फायरिंग जारी है, जिससे 2003 की सीजफायर समझौता खतरे में पड़ गया है।
भारत की कूटनीतिक और सैन्य प्रतिक्रिया
- कूटनीतिक कार्रवाई:
- सिंधु जल समझौता (1960) को निलंबित किया गया।
- अटारी बॉर्डर बंद
- पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द
- भारतीय एयरस्पेस पर पाकिस्तानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध
- सैन्य तैयारियाँ:
- पीएम मोदी ने सेना को “पूर्ण कार्रवाई स्वतंत्रता” दी।
- कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने रक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई
प्रतिक्रिया में पाकिस्तान ने:
- शिमला समझौते (1972) को निलंबित करने की धमकी दी, जिससे एलओसी की स्थिरता खतरे में पड़ गई।
- चेतावनी दी कि सिंधु नदी के पानी को रोकना “युद्ध की कार्रवाई” माना जाएगा।
वैश्विक प्रतिक्रियाएँ
- अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो ने भारत का समर्थन किया, लेकिन पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने की अपील की।
- पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है कि वह आतंकवाद पर अंकुश लगाए।
आगे क्या होगा?
भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ने के साथ, दुनिया की नजरें इन पर टिकी हैं:
- भारत की संभावित सैन्य प्रतिक्रिया
- संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी मध्यस्थता
- पाकिस्तान का आतंकवाद रोकने में सहयोग





