BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा लिए गए कड़े फैसलों से पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया है। इस घबराहट का असर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। पाकिस्तान की सेना ने लगातार दूसरी रात संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी की, जिसका भारतीय सेना ने सख्त जवाब दिया।
गुरेज़ और तंगधार सेक्टर में पूरी रात गोलियां बरसीं
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 25 से 26 अप्रैल की रात को पाकिस्तान की ओर से गुरेज़ और तंगधार सेक्टर में अचानक फायरिंग शुरू की गई। बिना किसी उकसावे के की गई इस कार्रवाई का जवाब भारतीय सेना ने भी छोटे हथियारों से दिया। इस गोलीबारी में अभी तक किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।
डर से फायरिंग कर रहा है पाकिस्तान
सेना के अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत कोई जवाबी हमला कर सकता है, इसी घबराहट में वह लगातार फायरिंग कर रहा है। भारत के जवाबी रुख और सैन्य सतर्कता को देखकर पाकिस्तान की ओर से सीमा पर तनाव फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं।
एक दिन पहले भी हुआ था सीज़फायर का उल्लंघन
पाकिस्तानी सेना ने गुरुवार और शुक्रवार की रात को भी कई चौकियों से गोलीबारी कर संघर्ष विराम तोड़ा था। एलओसी पर छिटपुट स्थानों पर छोटे हथियारों से की गई इस फायरिंग का भारत ने प्रभावी जवाब दिया था।
पहलगाम आतंकी हमला और भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, और कई घायल हुए थे। इस घटना से देशभर में आक्रोश फैल गया है। जनता की भावनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को अस्थायी रूप से बंद करना
- पाकिस्तानी नागरिकों को दी जा रही सार्क वीज़ा छूट योजना को निलंबित करना
- भारत-पाकिस्तान के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या घटाना
- 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करना
भारत के इन कठोर फैसलों से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है।





