BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपने जवाबी कदम तेज कर दिए हैं। भारतीय वायुसेना ने ‘आक्रमण’ नामक व्यापक युद्धाभ्यास की शुरुआत कर दी है, जिसमें अत्याधुनिक राफेल और सुखोई-30 जैसे फाइटर जेट शामिल हैं। रातभर जम्मू-कश्मीर के आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजाही देखी गई, जिससे सीमावर्ती इलाकों में तनाव का माहौल बन गया।
रातभर चली फाइटर जेट्स की गश्त
सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त की और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए Airborne Warning and Control System (AWACS) युक्त विमान भी तैनात किए गए। इन गतिविधियों के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के विमान भी उड़ान भरते देखे गए।
तीनों सेनाएं अलर्ट मोड में
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना – तीनों रक्षा अंग पूरी तरह से सतर्क हैं। जम्मू-कश्मीर से लेकर अरब सागर तक सुरक्षा तैयारियों को तेज कर दिया गया है। INS विक्रांत को समुद्र में भेज दिया गया है, जिस पर MiG-29K फाइटर जेट और हमलावर हेलीकॉप्टर तैनात हैं। वहीं, INS सूरत युद्धपोत से समुद्र में मिसाइल परीक्षण भी किया गया, जो सटीक हमले की क्षमता रखती है।
आज श्रीनगर पहुंचेंगे आर्मी चीफ
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज श्रीनगर पहुंचेंगे। वहां वे उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें लाइन ऑफ कंट्रोल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की रणनीतियों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद वे पहलगाम के उस स्थान का दौरा करेंगे, जहां हाल ही में आतंकियों ने निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था। उनके साथ फिफ्टीन कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव और विक्टर फोर्स कमांडर भी होंगे।
‘आक्रमण’ अभ्यास से पाकिस्तान में बेचैनी
भारतीय वायुसेना द्वारा किए जा रहे इस अभ्यास को भले ही नियमित बताया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। अंबाला और हाशीमारा एयरबेस की दो राफेल स्क्वाड्रन इस अभ्यास में भाग ले रही हैं। अभ्यास का मकसद सीमाई क्षेत्रों में युद्ध जैसी परिस्थिति के लिए तैयारी करना है।
2019 की यादें फिर ताज़ा
पुलवामा हमले के बाद भारत ने 2019 में बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। तब मिराज 2000 विमानों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। अब एक बार फिर, हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं जहां भारत निर्णायक कदम उठा सकता है।
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