BY: Yoganand Shrivastva
शिवमोग्गा (कर्नाटक): कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में CET (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के साथ कथित रूप से धार्मिक प्रतीकों के अपमान का मामला सामने आया है। आरोप है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले छात्रों से जनेऊ और कलावा (रक्षा सूत्र) उतरवाया गया। कलावा को डस्टबिन में फेंकने और जनेऊ को जबरन उतारने को लेकर छात्रों और उनके परिजनों ने नाराज़गी जताई है।
यह घटना आदि चुनचुनगिरी पीयू कॉलेज परिसर की बताई जा रही है, जहाँ परीक्षा में शामिल होने आए तीन छात्रों को धार्मिक प्रतीकों की वजह से रोका गया। बताया गया कि गेट पर मौजूद गार्ड्स ने दो छात्रों से जनेऊ और कलावा उतरवा दिया, जबकि तीसरे छात्र ने इसका विरोध किया और करीब 15 मिनट तक उसे गेट पर ही बैठाए रखा गया। बाद में उसे जनेऊ पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई, लेकिन कलावा को हटा दिया गया और डस्टबिन में फेंक दिया गया।
पीड़ित छात्र अभिज्ञान के मामा ने बताया कि उनके भांजे को परीक्षा देने से पहले जनेऊ और कलावा उतारने के लिए कहा गया। छात्र ने जनेऊ उतारने से मना कर दिया और परीक्षा छोड़ने तक को तैयार हो गया, लेकिन अंत में उसे जनेऊ के साथ परीक्षा में बैठने दिया गया, जबकि कलावा जबरन उतरवा लिया गया।
ब्राह्मण संगठनों का विरोध
परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्रों ने यह बात अपने अभिभावकों को बताई तो मामला तूल पकड़ गया। अखिल कर्नाटका ब्राह्मण महासंघ सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि कॉलेज पहुंचे और इस कृत्य का विरोध किया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि धार्मिक प्रतीकों को इस तरह हटवाना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं का अपमान है।
कॉलेज की सफाई और शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
कॉलेज प्रशासन की ओर से गार्ड ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसने केवल वही निर्देश पालन किए जो उसे संस्थान की ओर से मिले थे। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री एमसी सुधाकर ने संज्ञान लिया है।
मंत्री ने कहा,
“अगर यह घटना सही है, तो यह बेहद निंदनीय है। मैंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। परीक्षा केंद्रों के लिए तय प्रोटोकॉल में कहीं भी धार्मिक वस्त्र या प्रतीकों को उतारने का निर्देश नहीं होता। जांच के बाद दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”




