हरदोई, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में नए वक्फ कानून को लेकर हुई हिंसा पर सीधा हमला बोला और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के रुख को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दंगाइयों को सिर्फ “लाठी की भाषा” समझ आती है, और शांति के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देना देश के लिए खतरनाक है।
“बंगाल जल रहा है, मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांति दूत बताती हैं”
हरदोई में 650 करोड़ रुपये की 729 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए योगी ने कहा,
- “मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार मौन धारण किए हुई है।”
- “जब दंगाइयों को शांति का दूत कहा जाता है, तो यह साबित होता है कि तुष्टीकरण की राजनीति देश की एकता के लिए खतरा है।”
“2017 से पहले यूपी भी ऐसा ही था”
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी 2017 से पहले दंगे आम थे, लेकिन सख्त कार्रवाई से स्थिति बदली।
- “दंगाइयों को समझाने से कुछ नहीं होता, उन्हें सिर्फ लाठी की भाषा समझ आती है।”
- “केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और अदालतों के हस्तक्षेप का स्वागत है। अब बंगाल में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा होगी।”
“वक्फ कानून पर विवाद क्यों?”
योगी ने नए वक्फ कानून का बचाव करते हुए कहा कि यह गरीबों की जमीनों की अवैध कब्ज़ों को रोकेगा।
- “अब कोई जमीन हड़पकर गुंडागर्दी नहीं कर पाएगा। इन जमीनों पर अस्पताल, स्कूल और यूनिवर्सिटी बनेंगी।”
- “कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी चुप क्यों हैं? क्या बांग्लादेश में हुई हिंसा का समर्थन कर रहे हैं?”
“2047 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनेगा”
योगी ने कहा कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

- “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2047 तक भारत ‘विकसित भारत’ बन जाएगा।”
- “ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं लाखों युवाओं को रोजगार देंगी।”
निष्कर्ष: “दंगाइयों के साथ नरमी नहीं, सख्ती जरूरी”
योगी ने साफ किया कि अराजकता को सख्ती से ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा,
- “जो लोग बांग्लादेश की हिंसा का गुणगान करते हैं, उन्हें वहीं जाना चाहिए। भारत की धरती पर बोझ बनकर क्यों रहें?”
इसके साथ ही, उन्होंने हरदोई में राजा नरपत सिंह की विरासत को याद किया और कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास की नई राह पर है।





